आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार के 35 करोड़ पौधारोपण अभियान को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पूरी तरह कागजी करार दिया है। सपा प्रमुख ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पौधाराेपण करते हुए तस्वीर पोस्टकर तंज कसते हुए कहा, ‘लो अब पौधारोपण का ही एनकाउंटर कर दिया।
अखिलेश ने योगी को निशाने पर लेते हुए कहा कि शुक्र मनाइए कि एक पेड़ तो लगा, भले वो मंच पर लगा दिया है, बाकी 34,99,99,999 पेड़ तो कागजी फाइल में लगेंगे।’ पौधारोपण संबंधी अपनी एक्स पोस्ट में सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि ये पौधारोपण नहीं, भ्रष्टारोपण है, जिसके बहाने चुनावी-फंड की समानांतर व्यवस्था की जा रही है। इसके पीछे भी डबल इंजन की टकराहट ही मुख्य कारण है। ‘भाषण न सुनने के मूड’ वाले सार्वजनिक बयान के बाद जो एक-दो प्रतिशत छवि बची भी थी, उस पर भी ऐसे दिखावटी कृत्यों से इन्होंने खुद ही बुलडोजर चला दिया है।
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योगी सरकार में पुलिस कर रही PDA पर अत्याचार
साथ ही योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पुलिस पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यकों (पीडीए) पर अत्याचार कर रही है। बलिया में थाने में पुलिस की पिटाई से दलित युवक की मौत शर्मनाक है। मेरठ में भी पुलिस का ऐसा व्यवहार सामने आया था, दलित बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज उठाने पर लाठी चार्ज किया। जब योगी सरकार के प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है।
कम एवरेज की वजह से तेल ज्यादा डलवाना पड़ रहा
वहीं एक पोस्ट में एथनाल को लेकर अखिलेश ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये ‘सरकारी मिलावट’ का एक ऐसा त्रि-मिश्रण है, जिसमें सरकार, एथनाल बनाने वालों और तेल कंपनियों की साझेदारी है। सरकार ये नहीं बता रही है कि इससे माइलेज गिरता है और गाड़ियां जल्दी खराब हो रही हैं। कम एवरेज की वजह से तेल ज्यादा डलवाना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बताए कि मुनाफाखोरों के लिए वो जनता का शोषण क्यों कर रही है।




















