पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के CEO पद के लिए किया आवेदन

अमिताभ ठाकुर

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं। अब ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी आवेदन किया है। पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी अपने आवेदन में पुलिस सेवा और लोक प्रशासन के क्षेत्र में लगभग तीन दशक के अनुभव को अपनी प्रमुख योग्यता बताते हुए चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाने का अनुरोध किया है।

अमिताभ ठाकुर ने आवेदन में जिक्र किया है कि अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने सुरक्षा प्रबंधन, सतर्कता व्यवस्था, विधिक मामलों, प्रशासनिक संचालन, कार्मिक प्रबंधन और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया है। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में अर्जित अनुभव किसी भी बड़े और संवेदनशील धार्मिक संस्थान के प्रशासनिक संचालन में उपयोगी साबित हो सकता है। साथ ही ये भी कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी का दायित्व केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे पद पर कार्य करने के लिए दक्ष प्रशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है।

अपने आवेदन में अमिताभ ठाकुर ने स्वयं को हिंदू सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा बताते हुए भारतीय धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मर्यादा, न्याय, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण जैसे आदर्श उनके सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनका मानना है कि इन मूल्यों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यशैली किसी भी संस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बना सकती है।

साथ ही अपने सेवा काल के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करने के दौरान उन्हें जटिल परिस्थितियों में निर्णय लेने, संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अवसर मिला। उनका दावा है कि यही अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाते हैं।

यह भी पढ़ें- चढ़ावा चोरी कांड में मुकदमे के बाद चंपत व अनिल मिश्रा ने राम मंदिर ट्रस्ट से दिया इस्तीफा

अमिताभ ठाकुर ने आवेदन में ये भी अनुरोध किया है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में किए गए कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। पूर्व आइपीएस ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उन्हें अवसर मिलता है तो वे अपनी प्रशासनिक दक्षता और अनुभव का उपयोग श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सुचारु संचालन और संस्थागत विकास के लिए कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें- अमिताभ ठाकुर ने मेडिकल उपकरणों की खरीद में घोटाले का आरोप लगा मुख्यमंत्री को लिखा लेटर, की जांच की मांग