आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच पूर्व आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कहा कि अंतिम साक्षात्कार के लिए उन्हें कोई सूचना नहीं मिली ही।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ट्रस्ट को भेजे अपने पत्र में कहा है कि लगभग 5,200 आवेदनों में से 18 अभ्यर्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए 11 और 12 अगस्त को अयोध्या बुलाए जाने की बात कही गई है। उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपने चयन अथवा गैर-चयन को लेकर कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन ट्रस्ट की अब तक की कार्यप्रणाली से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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पूर्व आइपीएस ने सीईओ की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों आवेदन प्राप्त होने, उनकी छंटाई पूरी होने और अंतिम साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन की खबरें सामने आने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से उन अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो उचित नहीं है।
इस दौरान अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से लास्ट इंटरव्यू हेतु चयनित सभी अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक करने, चयन के प्रमुख मानदंड एवं प्रक्रिया बताने तथा सभी आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की औपचारिक सूचना देने का अनुरोध किया है।




















