विद्यालय का औचक निरीक्षण कर बोले संजय सिंह, यूपी में चढ़ावा-चंदे के बाद चोरी हुआ स्कूल

sanjay singh

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। 15 अगस्‍त को देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा था, उसी दिन सुल्‍तानपुर के एक सरकारी स्‍कूल का ताला खुला। इसको लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया। सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर विधानसभा स्थित ‘प्राथमिक विद्यालय राहिलपारा’ का औचक निरीक्षण करने पहुंचे संजय सिंह ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के बाद अब ‘स्कूलों की चोरी’ हो रही है। उन्होंने स्कूल की जर्जर हालत देख इसे प्रदेश के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया।

रिकॉर्ड में चल रहा, जमीन पर ताला लटका

आप सांसद ने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाया कि जो स्कूल सरकारी रिकॉर्ड में संचालित दिखाया जा रहा, असल में वहां ताले लटके हुए हैं। उन्होंने इसे एक बड़ा ‘फ्रॉड’ करार देते हुए कहा कि कागजों में दिखाया जा रहा कि यहां बच्चों को शिक्षा दी जा रही, जबकि हकीकत में यह विद्यालय बंद हो चुका है और इसे अन्यत्र मर्ज कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कागजों पर फर्जी तरीके से स्कूल चलाने के पीछे सरकार की क्या मंशा है?

रसोई कबाड़खाना, हैंडपंप खराब, न बिजली न पानी

स्कूल परिसर की दुर्दशा बयां करते हुए संजय सिंह ने कहा कि विद्यालय का रसोई घर अब कबाड़खाना और नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। स्कूल के कमरों में न बिजली है और न ही स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था। उन्होंने बताया कि स्कूल का हैंडपंप तक खराब पड़ा है। संजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बाबा जी के राज में शिक्षा के मंदिर को ‘दारू का ठेका’ और खंडहर बनने के लिए छोड़ दिया गया है।

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योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए संजय सिंह ने कहा कि योगी सरकार के रिकॉर्ड में तो स्कूल शानदार तरीके से चल रहा, लेकिन जमीन पर बच्चों के भविष्य पर ताला लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बच्चों के भविष्य को कबाड़ में तब्दील किया जा रहा है। सरकार केवल झूठे विज्ञापन और आंकड़ों के सहारे जनता को गुमराह कर रही है, जबकि बुनियादी सुविधाएं दम तोड़ रही हैं।

2047 के विकसित भारत पर सवाल

वहीं प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047 के नारे पर तंज कसते हुए संजय सिंह ने कहा कि एक तरफ देश की आज़ादी की 80वीं वर्षगांठ मनाई जा रही और 2047 तक विकसित भारत बनाने का दावा किया जा रहा, तो दूसरी तरफ बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि “क्या स्कूलों को ताले में बंद करके और प्राथमिक शिक्षा को बदहाल करके ही 2047 का विकसित भारत बनेगा?”

निरीक्षण के दौरान संजय सिंह के साथ आम आदमी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद थे, जिन्होंने स्कूल की बदहाली पर अपनी नाराजगी जताई और जल्‍द मरम्‍मत की मांग की।