आरयू वेब टीम। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के बड़बोलेन के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। सीजेपी ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की है। सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई। उन्होंने कहा कि ये आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है। सौरव दास ने कहा, ”एक नाबालिग लड़की पहले दिन से ही हमारे प्रदर्शन से जुड़ी हुई है। उसके पिता संजय जी भी उसके साथ आते हैं।
जब हम शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, तभी एक आपराधिक गिरोह के कुछ लोग हमारे प्रदर्शन में घुस आए और हिंसा करने लगे। एफआइआर दर्ज होने के बाद भी हमने पुलिस पर दबाव बनाए रखा। हमने कहा कि ये हत्या की कोशिश थी और संबंधित धारा जोड़ी जानी चाहिए। हमने एससी/एसटी एक्ट लगाने की भी मांग की क्योंकि वे दलित परिवार से हैं। इस मामले में जाति का भी पहलू है, लेकिन पुलिस ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। जब हमने पुलिस पर दबाव बनाया तो उन्होंने हमें अदालत जाने और आदेश लेने को कहा।”
इतना ही नहीं “ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून-व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।”
वहीं सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया। यह घटना खुलेआम हुई। “लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं, लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही।
अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी।’ स्वतंत्र खुद कबूल कर रहा कि उसने हमला किया उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया। आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं।
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दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक मनबड़ ने दावा किया है कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। साथ ही, उसने अपना संबंध कपिल मिश्रा, चिराग पासवान के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से होने की बात कैमरे के सामने कही थीं। इसी वीडियो के सामने आने के बाद देशभर में लोगों में गुस्सा है, राहुल गांधी समेत देश के तमाम नेता जहां कार्रवाई की मांग कर रहें हैं वहीं आम लोग भी दिल्ली पुलिस को कोसने और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के साथ ही भाजपा नेताओं से भी सवाल पूछ रहें हैं। दूसरी ओर दबाव बढ़ने के बाद स्वतंत्र को बुलंदशहर में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।




















