पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि देश-दुनिया व समाज को समझने का सशक्त जरिया: CM योगी

सीएम योगी
गोमती पुस्तक महोत्सव में किताबें देखते सीएम योगी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ किया। साथ ही कार्यक्रम को संबोधित कर कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, देश और दुनिया को समझने का सशक्त जरिया हैं। सीएम ने युवाओं से पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ विभिन्न विषयों की किताबें पढ़ने और व्यापक ज्ञान अर्जित करने का आह्वान किया।

वहीं मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऋषियों ने ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का संदेश दिया था। इसका आशय है कि ज्ञान और श्रेष्ठ विचारों के लिए हमारे द्वार चारों दिशाओं से खुले रहने चाहिए। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है। जीवन और समाज को बेहतर ढंग से समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का ज्ञान हासिल करना आवश्यक है।

इ दौरान योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देश के विभिन्न हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। साथ ही कहा कि लखनऊ में जब पहली बार पुस्तक महोत्सव के आयोजन का विचार आया था, तब यह आशंका थी कि युवा इसमें कितनी रुचि लेंगे। लेकिन आयोजन की सफलता ने इस धारणा को गलत साबित किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में आयोजित पुस्तक महोत्सव में लखनऊ की तुलना में अधिक भीड़ जुटी और पुस्तकों की बिक्री भी ज्यादा हुई। इससे स्पष्ट है कि युवा किताबों से दूर नहीं हुए हैं, उन्हें सिर्फ बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि इस बार पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव में 80 के बजाय 250 स्टॉल लगाए गए हैं।

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12 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय आयोजन में हजारों छात्र और युवा विभिन्न विषयों की ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों से परिचित होंगे। महोत्सव में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद, उनके विचार जानने तथा उनकी रचनाओं और जीवन यात्रा को समझने के अवसर भी मिलेंगे। विभिन्न लेखकों और महापुरुषों की आत्मकथाओं के जरिए उनके संघर्ष और अनुभवों से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा।

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