पश्चिम बंगाल उपचुनाव के बीच पुलिस ने हुमायूं कबीर को हिरासत में लिया

हुमायूं कबीर
काॅलर पकड़कर हुमायूं कबीर को खींचती पुलिस।

आरयू वेब टीम। देश के चार राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में छह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग मंगलवार को सुबह सात बजे से शुरू हुई। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल हैं। वहीं विधानसभा उपचुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेपीयू) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को बंगाल के मुर्शिदाबाद में उनके पार्टी कार्यालय से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक हुमायूं ने पुलिस को लेकर कई बयान दिए थे। जिसके कुछ देर बाद पुलिस रेजीनगर स्थित एजेपीयू के दफ्तर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही हुमायूं और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। हुमायूं पुलिस से बार-बार ‘दलाली मत करो’ कह रहे थे। इसी दौरान पुलिस और उनके बीच हाथापाई भी हुई। इसके बाद पुलिस ने हुमायूं को पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने उनकी शर्ट का काॅलर खींचकर उन्हें गाड़ी में बैठाया और विधायक को रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले गई।

वहीं पुलिस ने विधायक को हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया है। हिरासत में लिए जाने पर हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया है कि सही तरीके से वोटिंग नहीं हो रही है, पुलिस यहां गड़बड़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस आम मतदाताओं को खुलेआम परेशान कर रही है और पिछले दो महीनों से मुस्लिम वोटरों पर जुल्म किए जा रहे हैं। दरअसल उनके बेटे गुलाम नबी आजाद भी रेजीनगर से उम्मीदवार हैं।

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दूसरी ओर नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने आरोप लगाया है कि इस उपचुनाव में हर नागरिक को खुलकर वोट देने की आजादी होनी चाहिए, लेकिन यहां खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है। उन्होंने कहा कि बीती रात और उससे एक दिन पहले से ही उनके पोलिंग एजेंटों को जबरन उठाया जा रहा है, धमकाया जा रहा है और उनके कागजात भी छीन लिए गए हैं।

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