आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानपरिषद की 11 सीटों में से पांच सीट मिली जीत से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव काफी उत्साहित हैं। जीते हुए प्रत्याशियों की फोटो साझा कर यूपी के पूर्व सीएम ने एक खुला लेटर लिखा है। जिसमें अखिलेश ने यूपी के मतदाताओं को संबोधित कर दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के पास अब कोई टिकट लेने नहीं जा रहा है। क्योंकि भाजपा एक ‘फ्लॉप शो’ बन गई है।
कन्नौज सांसद ने लेटर में लिखा कि प्रिय मतदाताओं, बीजेपी वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार बीजेपी और उनके संगी-साथी हारे। ये डबल इंजन की डबल हार है। विधानपरिषद के चुनावों में बीजेपी की हार ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है।
सपा मुखिया ने आगे कहा कि ये एक तरफ बीजेपी की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ पढ़े-लिखे ‘बेरोजगार स्नातकों’ ने भी अपना फैसला सुना दिया है। बीजेपी ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95 प्रतिशत हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’!
भाजपा दूरबीन लेकर ढूंढ़ रही प्रत्याशी
इतना ही नहीं इससे बीजेपी में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि बीजेपी के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें बीजेपी जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बीजेपी की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है, इसीलिए बीजेपी प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो बीजेपी अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूंढ़ रही है, पर कहीं कोई नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी की टिकट की खिड़की खाली है।
प्रमाणपत्र मिलने तक रहें डटे
वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उत्तर प्रदेश के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे।
हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं
इस दौरान अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हुए सपा मुखिया ने कहा कि हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो बीजेपी हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफिकेट के विजेता हैं। यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी।



















