आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर मतदाता सूची में हेराफेरी और वोटों की चोरी की साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही सपा मुखिया ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची को आधार से अनिवार्य रूप से जोड़ने तथा मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था करने की मांग की।
लखनऊ में सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची की पड़ताल के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक ही व्यक्ति के नाम पर सैकड़ों स्थानों पर मतदाता प्रविष्टियां दर्ज हैं।
सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘सुनीता पत्नी राजेश, जिनकी उम्र 42 वर्ष है, के नाम की प्रविष्टि 420 जगह मिली है। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में दो नामों की पड़ताल करने पर कुल 2,341 प्रविष्टियां मिली हैं।
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इसी तरह राजकुमारी पत्नी राजकुमार के नाम की प्रविष्टियां 315 जगह मिली हैं और अन्य गणना के आधार पर यह संख्या 1,627 तक पहुंचती है।” इसके अलावा सपा प्रमुख ने सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र में दशरथ नाम के व्यक्ति के नाम पर 100 से अधिक फॉर्म भरे जाने और विकास नाम के युवक का नाम कई मतदान केंद्रों की सूची में होने का भी दावा किया।
मतदाता सूची से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए आधार
अखिलेश यादव ने कहा कि इन मामलों की जानकारी निर्वाचन आयोग को दिए जाने के बाद कार्रवाई शुरू हुई है। सपा मुखिया ने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं और किसी व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज न हों।
उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर किया जा सकता है। सपा प्रमुख ने मांग की कि मतदाता सूची को आधार से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए और मतदान केंद्रों पर उंगलियों के निशान तथा आंखों की पुतली के सत्यापन के लिए उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। ‘‘अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका मतलब है कि निर्वाचन आयोग और भाजपा के दिलोदिमाग में बेईमानी है।”
नहीं कराए गए पंचायत चुनाव
अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रच रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी वजह से प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं कराए गए, क्योंकि स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की पहचान करना और अनियमितताओं को पकड़ना आसान होता। सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे तो कभी-कभी ये भी लगता है कि भाजपा ने प्रदेश में पंचायत चुनाव इसलिए नहीं होने दिया क्योंकि ग्राम प्रधान एक-एक मतदाता को पहचानते हैं जिससे बीजेपी की चोरी, हेराफेरी, डकैती और बेईमानी का पता लग जाता, इसलिए साजिश की गई और पंचायत चुनाव नहीं होने दिया गया।”
ये नेता हुए सपा में शामिल
इस दौरान सपा मुखिया ने सपा में शामिल होने आए नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों की एकजुटता मजबूत होगी। वहीं पूर्व मंत्री दारा सिंह प्रजापति, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी राम बहादुर और बदायूं की बिसौली सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि सपा सरकार बनने पर वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश बहाल किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी।
समाप्त करेंगे आउटसोर्सिंग व्यवस्था
इसके अलावा अखिलेश यादव ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने का भी वादा किया। जबकि भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के जरिए आरक्षण के प्रावधानों को कमजोर किया जा रहा है और कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। साथ ही सपा प्रमुख ने कहा कि वाल्मीकि समाज के जिन लोगों के पास अपनी कॉलोनियों में मकानों का मालिकाना हक नहीं है, उन्हें भविष्य में यह अधिकार देने के लिए योजना बनाई जाएगी।



















