अब यूपी के हर गांव में प्राइवेट कंपनी चलाएगी बस, योगी की कैबिनेट ने दी कुल 30 प्रस्‍तावों को मंजूरी

योगी की कैबिनेट
मंत्रियों के साथ कैबिनेट बैठक करते सीएम योगी।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। शहरों के साथ ही अब उत्‍तर प्रदेश के सभी गांवों में भी प्राइवेट कंपनियां बसें चलवाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में आज इसकी मंजूरी दे दी गयी है। इसके अलावा 29 अन्‍य प्रस्‍तावों को भी हरि झंडी मिली है। बैठक में योगी सरकार ने गांवों में प्राइवेट लोगों से बसें चलवाने जैसा बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए योगी की कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को स्वीकृति दी।

बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। साथ ही मौजूद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन नई पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी। इन बसों को परमिट व टैक्स से मुक्त रखा गया है। इससे प्राइवेट कं‍पनियों के साथ ही बड़ी ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी।

साथ ही बताया कि ये बसें चलाने की अनुमति निजी लोगों को मिलेगी। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी, जिसमें सीडीओ, एसपी, एआरटीओ, एआरएम सदस्य होंगे। ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी। सुबह ब्लॉक व तहसील होते हुए ये बसें सुबह दस बजे तक जनपद मुख्यालय तक पहुंचेंगी। इस सेवा का लाभ विद्यार्थियों के अलावा कचहरी, ऑफिस या अपना उत्पाद शहर में बेचने जाने वाले लोगों को भी मिलेगा। कई गांवों में ऐसी सड़कें हैं, जहां बड़ी बसें टर्न होने में परेशानी होती है। 12,200 में से 5000 ऐसे गांव हैं, जहां बड़ी बसें टर्न नहीं हो सकतीं। इसलिए ये छोटी बसें होंगी, जिनकी अधिकतम लंबाई सात मीटर और अधिकतम सीट क्षमता 28 होगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि सुबह दस से शाम चार बजे तक इन बसों को डायवर्ट करेंगे। इसके बाद ये बसें दूरी के हिसाब से अधिकतम शाम आठ बजे तक गांव में पहुंच जाएंगी। इन बसों के ड्राइवर, कंडक्टर व क्लीनर आसपास गांव के लोग ही होंगे, जिससे रात में गांव में रुकने और सुबह आने में उन्हें परेशानी नहीं होगी। इन बसों की औसत आयु 15 वर्ष रहेगी, लेकिन पहले दस साल के लिए ही इन्हें परिचालन की इजाजत दी जाएगी।

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इसके अलावा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी स्थानीय स्तर पर किराया निर्धारण करेगी। इसका टिकट भी सस्ता रहेगा। इन्हें परमिट व टैक्स की आवश्यक्ता नहीं होगी। इससे बस चलाने वालों को जबरदस्‍त फायदा मिलेगा। हालांकि सरकार का दावा है कि उसका उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधा मुहैया कराना है।

कैबिनेट बैठक में ये प्रस्‍ताव हुए पास-

– यूपी में अब ओला, उबर को भी कराना होगा पंजीकरण। बिना पंजीकरण, फिटनेस, मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन आदि के नहीं चल सकेगी कोई ओला व उबर आदि टैक्सी। एग्रीगेटर कंपनी को पांच लाख रुपए शुल्क लेकर दिया जाएगा लाइसेंस।

– उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।

– बुंदेलखंड में डेयरी क्षमता बढ़ाने की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट। झांसी प्लांट की क्षमता 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक बढ़ेगी।

– अयोध्या में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, भूमि हस्तांतरण को योगी कैबिनेट की मंजूरी। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत नगर निगम अयोध्या को निःशुल्क दी जाएगी नजूल भूमि।

– नए शहरों के विकास को रफ्तार, आठ शहरों को पहले चरण के लिए 425 करोड़ रूपए को भी मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत भूमि अर्जन और बुनियादी विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा।

– पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के लिए नई नीति को योगी कैबिनेट की मंजूरी। किफायती आवास और किराये के घरों के निर्माण को मिलेगा बढ़ावा, लाभार्थियों को केंद्र व राज्य से आर्थिक सहायता। लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

– अनधिकृत लोगों से कांशीराम आवास खाली करवाकर पात्र दलितों को आवंटित किए जाएंगे।

– संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच अनिवार्य। फर्जी और विवादित जमीन की रजिस्ट्री पर लगेगी रोक, आम लोगों को मुकदमेबाजी से राहत मिलेगी।

– एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 को योगी की कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। विकास प्राधिकरणों, आवास एवं विकास परिषद तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के डिफॉल्टरों को मिलेगी राहत। दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा, साधारण ब्याज के साथ बकाया राशि जमा करने का भी मौका मिलेगा।

– कानपुर में गंगा नदी पर नए सेतु निर्माण को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। ट्रांसगंगा सिटी को कानपुर शहर से जोड़ने के लिए दो-दो लेन के दो नए पुल का प्रस्ताव, परियोजना के लिए 460 करोड़ की स्वीकृती मिली है।

– सरकारी कर्मचारियों के आचरण नियमों में बदलाव, निवेश और संपत्ति की जानकारी देना होगा अनिवार्य। सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी अचल संपत्ति की जानकारी देना होगा अनिवार्य।

– भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी। कुष्ठ रोग से जुड़े प्रावधान हटेंगे, भेदभाव खत्म कर गरिमामय जीवन का अधिकार सुनिश्चित करने की पहल।

– सिखों के आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन के लिए नई नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। तहसील से लेकर राज्य स्तर तक तय होंगे रजिस्ट्रार, तीन महीने के भीतर कराना होगा विवाह पंजीकरण।

– उच्च शिक्षा के शिक्षकों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा। दो लाख से अधिक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी होंगे लाभान्वित।

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