68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने तिरंगे के साथ किया विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, लेटकर बजाई घंटी, पुलिस से धक्का-मुक्की

शिक्षक भर्ती
लेटकर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। (फोटो- आरयू)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर मंत्रियों के आवास का चक्कर लगाने वाले दिव्यांग-पिछड़े व अन्य वर्ग के 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का सब्र जवाब दे रहा है। अब अभ्यर्थियों ने सोमवार को नियुक्ति की मांग कर विधानसभा के बाहर हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सड़क पर लेटकर घंटी बजाई और योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस अभ्यर्थियों को टांगकर और घसीटते हुए बस में भरकर ईको गार्डन ले गई।

इस दौरान अभ्यर्थियों ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और अभद्रता करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस के जबरन घसीटने और हिरासत में लेने के बीच भी प्रदर्शनकारी ‘ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश लागू करो’ और आरक्षण घोटाला करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग लिखा बैनर था।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले आठ दिनों से ईको गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। वे नियुक्ति की मांग पूरी होने तक धरना और प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी नवीन ने बताया कि दस सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

अभ्यर्थी का दावा है कि बैठक में दोनों मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की थी। आगे कहा कि “जब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी गड़बड़ी मानी है, तो सरकार में बैठे मंत्री और अधिकारी भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। फिर हमें नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही?”

बड़े स्तर पर हुई आरक्षण संबंधी गड़बड़ी

एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि वे पिछले आठ साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी का आरोप है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण संबंधी गड़बड़ी हुई है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली।

उम्मीद में बीत गए आठ साल

वहीं अभ्यर्थी आशुतोष ने कहा कि उनकी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी और उसी समय उन्होंने आवेदन किया था। तब से नौकरी की उम्मीद में आठ साल बीत गए। साथ ही कहा, “मुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक, ऐसा कोई दरवाजा नहीं बचा जहां जाकर हमने अपनी मांग न रखी हो। कई बार प्रदर्शन किया, याचना की, लेकिन अब तक रोजगार नहीं मिला।”

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