आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अपनी मांगों को लेकर 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी एक बार फिर सड़क पर आ गए हैं। आरक्षण संबंधी विसंगतियों के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग के साथ मंगलवार को बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की। वहीं मंत्री आवास पर प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठा कर इको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक उनका लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग के आदेश के बाद भी ना तो शासन स्तर पर कोई पहल हुई और ना ही संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई की। अभ्यर्थियों ने कहा कि इसी आदेश पर अमल की मांग को लेकर उन लोगों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मुलाकात होगी।
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मंत्री आवास पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उन अभ्यर्थियों को, जिन्होंने 150 पूर्णांक में 60 अंक (40 प्रतिशत) या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उत्तीर्ण मानते हुए नियमानुसार नियुक्ति दिए जाने की स्पष्ट संस्तुति जारी की गई है। इस फैसले से ओबीसी के साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलना था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद शासन और संबंधित विभाग ने अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।
वहीं धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी किसी अहसान की नहीं, अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। साथ ही कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद आयोग के आदेश से उम्मीद जगी है, इसलिए शासन को इसे लंबित रखने के बजाय तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।


















