आराधना मिश्रा ने कहा, प्रजातंत्र के खिलाफ भाजपा की यात्राएं, SIR के पीछे है नरेंद्र मोदी-अमित शाह

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। विपक्ष को टारगेट कर निकल रही भाजपा की यात्राओं को  यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने प्रजातंत्र के खिलाफ बताया है। आज कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि भाजपा यूपी समेत देश में निकल रही ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्राएं असल में प्रजातंत्र के खिलाफ हैं। एसआईआर के नाम पर करोड़ों वोट काट दिए गए और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हैं।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्‍यालय पर आयोजित एक प्रेसवाता में आराधना तर्क देते हुए कहा कि बीजेपी की इस यात्रा में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन गोरखपुर में, पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा बरेली में और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में उतरे। गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद और करनाल में इसी अभियान का हिस्सा बने। कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा और ज्ञानेश कुमार का वोट काटना, दोनों आदित्यनाथ की रेजिम चेंज के लिए हैं। एसआईआर के पीछे नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं।

आराधना ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हम सब वोट चोरों के खिलाफ इस प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें विश्वास है कि देश यह लड़ाई जीतेगा और हम प्रजातंत्र की पुर्नस्थापना में कामयाब होंगे।

इस दौरान संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव की एक चेतावनी की बात करते हुए आराधना मिश्रा ने कहा ‘चुनाव आयुक्त का कार्यकाल निश्चित और सुरक्षित करने का कोई लाभ नहीं, यदि संविधान में किसी मूर्ख, धूर्त या सरकार के अंगूठे के नीचे काम करने वाले व्यक्ति को रोकने का प्रावधान न हो।’

वोट कटने पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं?

बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि एस.आई.आर. से नाम कटने वालों को सरकारी राशन, सरकारी लाभ और सामाजिक योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पूर्व में एसआईआर से नाम कटने वालों को सरकारी सेवाओं से अलग करने की बात कह चुके हैं।

मुख्यमंत्री के आंकड़े ही सच बता रहे हैं

हाल ही में दिए गए मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के आंकड़ों की बात करते हुए कांग्रेस नेता ने मीडिया से कहा है कि यूपी की अनुमानित जनसंख्या 25.70 करोड़ है और इसके करीब 65 प्रतिशत मतदाता होने चाहिए, यानी 16,70,50,000। राज्य निर्वाचन आयोग की स्थानीय निकाय सूचियों में भी लगभग इतने ही मतदाता दर्ज हैं:

ग्राम पंचायतें (58,189)

पुरुष मतदाताः 6,59,23,283

महिला मतदाताः 5,84,65,852

कुल मतदाता: 12,43,89,135

नगर निगम (17)

पुरुष मतदाताः 1,02,70,203

महिला मतदाताः 88,17,531

कुल मतदाताः 1,90,87,734

 

नगर पालिका परिषदें (200)

पुरुष मतदाताः 78,33,136

महिला मतदाताः 70,25,895

कुल मतदाताः 1,48,59,031

 

नगर पंचायतें (545)

पुरुष मतदाताः 49,26,062

महिला मतदाताः 44,46,417

कुल मतदाताः 93,72,479

 

कुल- पुरुष मतदाताः 8,89,52,684

महिला मतदाताः 7,87,55,695

कुल मतदाताः 16,77,08,379

 

इसके मुकाबले ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में सिर्फ 13,39,84,792 मतदाता रहने दिए।

मुख्यमंत्री के अनुसार होने चाहिएः 16,70,50,000

एसआईआर के बाद बचेः 13,39,84,792

कम हुएः 3,30,65,208 (करीब 3.31 करोड़)

 

कार्यसमिति में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री ने क्या कहा-

 

  1. प्रदेश में 16 करोड़ से ज्यादा मतदाता होने चाहिए, जबकि अभी 13 करोड़ हैं।
  2. 1,27,00,000 मतदाताओं के नाम गायब होना चिंताजनक है।
  3. 66 लाख लोग पंचायत सूची में हैं, पर विधानसभा सूची में नहीं।
  4. सरकारी योजनाओं के करीब 55 लाख लाभार्थी सूची में नहीं हैं।
  5. 18 और 19 साल के साढ़े चार लाख युवाओं के नाम नहीं जुड़े हैं।
  6. दूसरे राज्यों से बहू बनकर आई महिलाओं के नाम भी सूची में नहीं हैं।
  7. 45 सीटें बहुत कम अंतर वाली हैं और शहरी निकायों की 28 सीटें कमजोर हो रही हैं।

आराधना मिश्रा ने कहा कि अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा इंडिया गठबंधन की जीत की गारंटी होगी, क्योंकि वे आदित्यनाथ की रेजिम चेंज करवाना चाहते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एसआईआर के माध्यम से वोट चोरी नहीं होने देगी। प्रेसवार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्‍ता उमाशंकर पांडेय व सिद्धीश्री समेत कांग्रेस के अन्‍य नेता भी मौजूद रहें।