आरयू ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षक भर्ती में हुए आरक्षण घोटाले का विरोध व नियुक्ति की मांग कई सालों से कर रहें 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। अभ्यर्थियों ने बुधवार को निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) कार्यालय का घेराव किया। साथ ही कार्यालय परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और भर्ती में आरक्षण संबंधी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नियुक्ति की मांग की।
इस दौरान अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री, विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आठ साल बाद भी नियुक्ति नहीं मिली। वहीं प्रदर्शनकारी नवीन ने बताया कि दस सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षामंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जहां बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। अभ्यर्थी ने कहा कि जब राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी आरक्षण में गड़बड़ी मान चुके हैं, तो अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति क्यों नहीं दी गई।
वहीं प्रदर्शनकारी तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण संबंधी गड़बड़ी हुई है। उनके मुताबिक, राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस मामले में नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। तूफान सिंह ने कहा कि उनकी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन कर नियुक्ति दी जाए।
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आगे कहा कि साल 2018 में भर्ती निकली थी। तभी हमने आवेदन किया था। आठ साल बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों और विधायकों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार नहीं मिला है।

















