आरयू ब्यूरो, लखनऊ। न्याय की उम्मीद में करीब दो महीनों से प्रदर्शन कर रहें 68500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सोमवार को एक अनोखा कदम उठाया। भारी संख्या में एकजुट हुए अभ्यर्थी आरक्षण घोटाले का आरोप लगाकर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास पहुंचे। जहां अभ्यर्थियों ने सुंदरकांड का पाठ करते हुए नियुक्ति की मांग की।
मंत्री आवास के बाहर अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को जबरन बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया। आंदोलन की कमान संभाल रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने बताया कि वे पिछले 55 दिनों से अधिक समय से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के स्पष्ट आदेशों के पालन की गुहार लगा रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि ओबीसी वर्ग को आरक्षित श्रेणी का पूरा लाभ देते हुए 150 में से 60 अंक (40 प्रतिशत) के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए और योग्य अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति दी जाए। आंदोलनकारियों ने मांग रखी है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की विसंगति पैदा करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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साथ ही साफ कहा कि जब तक सरकार इस मामले में कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं ले लेती, तब तक यह अनवरत धरना जारी रहेगा। इसके साथ ही ‘दस्तक दो’ अभियान चलाकर रोजाना किसी न किसी जन प्रतिनिधि के आवास पर जाकर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय मांगा जाएगा।




















