आरयू ब्यूरो, लखनऊ। कुलियों ने एक बार फिर अपनी कई मांगों को लेकर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय कुली मोर्चा के संयोजक राम सुरेश यादव ने कहा कि कुली/यात्री सहायक संवर्ग की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा को लेकर रेल मंत्रालय द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे कुली वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि कुलियों से जुड़ी जांच रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखा जाए। राम सुरेश यादव के अनुसार, 19 जून 2025 को रेल मंत्रालय ने सभी मंडल रेल प्रबंधकों को निर्देश दिया था कि कुली/यात्री सहायकों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जांच की जाए, हालांकि अब तक इस जांच की प्रगति और रिपोर्ट के संबंध में न तो राष्ट्रीय कुली मोर्चा को कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है और न ही उन सांसदों को अवगत कराया गया है। जिनके पत्रों के आधार पर जांच के निर्देश जारी किए गए थे। मोर्चा ने इसे चिंताजनक बताते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
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वहीं प्रदर्शन के दौरान कुलियों ने साल 2008 की तरह रेलवे की स्थायी सेवाओं में समायोजन की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायी दर्जा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही ये भी मांग की कि कुली/यात्री सहायक संवर्ग के लिए बच्चों की मुफ्त शिक्षा, परिवार को आयुष्मान या उम्मीद कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा, वर्दी, सुविधासंपन्न विश्रामगृह, रेलवे पारिवारिक पास और वृद्ध कुलियों के लिए पेंशन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इसके अलावा कुलियों ने स्टेशन परिसर में चलने वाले बैटरी चालित वाहनों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इन वाहनों का संचालन रेलवे के निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुलियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।




















