आरयू ब्यूरो, लखनऊ। प्रतिबंधित सौ करोड़ के कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स ने गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। फेंसिडिल कफ सिरप और कोडीन आधारित नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई के इस सिंडिकेट के महत्वपूर्ण सदस्य अमित सिंह उर्फ टाटा को गोमती नगर के ग्वारी चौराहा से गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ टीम की लगातार पूछताछ कर पूछताछ में अमित ने बड़ा खुलासा किया है कि उसका संपर्क आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिए रांची के बड़े कारोबारी शुभम जायसवाल से हुआ। शुभम एबॉट कंपनी से सौ करोड़ रुपये से अधिक की कफ सिरप खरीदकर फर्जी बिलों के जरिए तस्करों को बेचता था। अमित के नाम पर धनबाद और वाराणसी में दो मेडिकल फर्में खुलवाई गईं। जिनमें देवकृपा मेडिकल एजेंसी (धनबाद), श्री मेडिकल (वाराणसी)।
इन फर्मों का पूरा संचालन शुभम और उसके पार्टनर करते थे। कफ सिरप की तस्करी से अमित को नकद लाखों रुपये दिए जाते थे, जिन्हें वह अपनी पत्नी के बैंक खाते में जमा करता था। वहीं रांची और गाजियाबाद में पुलिस की कार्रवाई के बाद शुभम जायसवाल अपने साथियों के साथ दुबई भाग चुका है, वहीं से फेसटाइम ऐप पर संचालन करता है।
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आरोप है कि अमित ने सिरप की सप्लाई सीमावर्ती देशों बांग्लादेश और नेपाल तक फैलाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित सिरप की अवैध पहुंच को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। अमित के खिलाफ वाराणसी की कोतवाली में पहले से मामला दर्ज है। इसके अलावा उसके पिता अशोक सिंह और उनकी मेडिसिन फर्म के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की जा चुकी है।
अब एसटीएफ इस बात की जांच में जुटी है कि पूरे सिंडिकेट में परिवार की क्या भूमिका थी और वित्तीय लेन-देन कौन संभालता था। एसटीएफ का कहना है कि पूछताछ के बाद कई और नामों का खुलासा हो सकता है और नेटवर्क में बड़ी गिरफ्तारियां भी संभावित हैं।




















