आरयू ब्यूरो, लखनऊ। गैस सिलेडर के दाम में भारी बढ़ोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहें हैं। वहीं आज बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी सरकार के इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ेंगी। साथ ही केंद्र सरकार को सलाह देते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जिस तरह चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल का रेट नियंत्रित रखे गए थे, उसी नीति को अब भी जारी रखा जाना चाहिए।
मायावती ने एक्स पर पोस्टकर कहा कि देश में कमर्शियल सिलिंडर की भारी किल्लत के बीच उसकी कीमत में एक मुश्त 993 रुपयों की फिर की गयी वृद्धि व उसका आम जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ी खबरें इलेक्ट्रानिक सहित सभी मीडिया जगत की सुर्खियों में हैं और इस आशंका से कि जल्द ही रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों भी जरूर बढ़ेंगी, लोगों में बेचैनी व्याप्त है।
बसपा सुप्रीम ने कहा कि इसका वास्तविक कारण चाहे अमेरिका-इजराइल का ईरान पर युद्ध हो या कुछ और। सरकार ने जिस प्रकार से राज्यों के विधानसभा आम चुनाव के मद्देनजर खासकर पेट्रोलियम पदार्थों आदि की कीमत को काफी कुछ नियंत्रण में रखा, उस नीति को वर्तमान में भी व्यापक जनहित व जन कल्याण के तहत जारी रखना चाहिये, तो यह देशहित में उचित होगा।
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साथ ही केंद्र सरकार को सलाह देते हुए मायावती ने कहा कि दिल्ली में भी नई दर पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब लगभग तीन हजार से अधिक हो जायेगी। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों के इस प्रकार से बढ़ने से पहले से ही महंगाई से त्रस्त देश के अधिकतर गरीब व मध्यम वर्गों के लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका ऑकलन करके ही सरकार अपनी नीतियों का निर्धारण करे तो यह बेहतर।
बता दें कि कमर्शियल एलपीजी की कीमत में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई और 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 993 रुपये की वृद्धि की गई है।




















