आरयू ब्यूरो, लखनऊ। बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 16वीं पुण्यतिथि पर रविवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही बसपा समर्थकों को संदेश देते हुए कहा है कि सत्ता की मास्टर चाबी से तरक्की के बंद दरवाजे खुल सकते हैं, इसलिए किसी भी कीमत पर सत्ता में आने का अभियान रूकना नहीं चाहिए।
बीएसपी के प्रदेश मुख्यालय पर स्थापित कांशीराम की प्रतिमा पर आज पुष्प अर्पित करने पहुंची मायावती ने कहा कि बहुजन समाज को राजनीतिक शक्ति में उत्थान कर उन्हें यहां हुकमरान समाज बनाने के लिए बामसेफ, डीएस फोर व बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक मान्यवर कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।
मायावती ने आज कांशीराम को नमन कर रहे उनके सभी अनुयाइयों का भी आभार जताते हुए कहा कि देश में खासकर यूपी के लोगों ने यहां चार बार अपनी पार्टी की सत्ता हासिल कर यह देख लिया है कि सत्ता वह मास्टर चाबी है, जिससे तरक्की के बंद दरवाजे खुल सकते हैं, इसीलिए यह अभियान हर कीमत पर जरूर जारी रहना चाहिए। यही आज के दिन का संदेश है और इसी संकल्प के साथ काम भी करना है।
यूपी का अगला कोई भी चुनाव हो सकती है आपकी परीक्षा
साथ ही आज अपने एक बयान में मायावत ने कहा कि बहुजन समाज आजादी के बाद 75 सालों में अपना संवैधानिक व कानूनी हक मांगते हुए थक गए। अब उन्हें पूरी ताकत के साथ ’हुकमरान समाज’ बनने के अभियान में जुट जाना होगा। यूपी में होने वाला अगला कोई भी चुनाव आपकी परीक्षा हो सकती है, जिसमें सफलता उम्मीद की नई किरण साबित होगी।
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श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान मायावती के साथ सतीश चंद्र मिश्रा समेत बसपा के कई अन्य कद्दावर नेता भी मौजूद रहें। इस दौरान सभी ने कांशीराम के साथ वहीं स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराम अंबेडकर की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित किए।




















