आरयू ब्यूरो, लखनऊ। किसानों संबंधित विधेयकों के पास किए जाने पर मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश ने कहा है कि भाजपा की छल प्रपंच और झूठ की रीति व नीति ने राजनीतिक शुचिता और लोकतंत्र पर गहरा आघात किया है। किसानों के हितों पर चोट करने और उनकी किस्मत कॉरपोरेट घरानों को सौंपने में उसे जरा भी हिचक नहीं है।
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आज एक बयान में अखिलेश ने भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा है कि केंद्र में संसद हो या प्रदेश में विधान परिषद दोनों जगह विपक्ष पर अपने बहुमत का रोड रोलर चलाकर भाजपा सरकार लोकलाज से भी हाथ धो बैठी है। भाजपा तर्क से भागती है और विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देने के बजाय बुनियादी मुद्दों पर भ्रमित करने का काम करती है।
सभापति ने नहीं दिया विपक्ष को संरक्षण, सत्तापक्ष ही रहा हावी
अखिलेश ने आगे कहा है कि यूपी विधान परिषद में विपक्ष का बहुमत है लेकिन पिछले दिनों ही इसकी बैठकें समाप्त होने से पूर्व कई बिल बिना बहस के विपक्ष की तमाम आपत्तियों को अनसुना करते हुए, आश्चर्यजनक रूप से पास करा लिए गए। विधान परिषद के सभापति ने विपक्ष को संरक्षण नहीं दिया, सत्तापक्ष ही हावी रहा।
किसानों को ठगने की कोशिश नहीं होने वाली कामयाब
साथ ही यूपी के पूर्व सीएम ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि भाजपा का चेहरा और चरित्र एक ही है, इसका दूसरा परिचय केंद्र में राज्यसभा की कार्यवाही में देखने को मिला। इसमें कृषि विधेयकों को भी विपक्ष की बातों को अनसुना कर घोषित करा लिया गया। वहां भी जोर-जबरदस्ती साफ दिखाई दी। इन विधेयकों पर विपक्ष ने जो आपत्तियां की उनकी सुनवाई नहीं हुईं। जब संसद के अंदर और बाहर इस पर कड़ी प्रतिक्रिया होते दिखाई दी तो बहकाने-भटकाने की अपनी शैली में भाजपा सरकार ने रबी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तत्काल घोषित कर दिए, जबकि हमेशा अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में ऐसे निर्णय सामने आते थे। एक माह पहले रबी की फसल के समर्थन मूल्य घोषित करके किसानों को ठगने की यह कोशिश कामयाब नहीं होने वाली है।



















