एलयू कर्मचारी परिषद की कार्यकारिणी अवैध घोषित, कुलसचिव ने जारी किया आदेश

लखनऊ यूनिवर्सिटी

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा आदेश जारी किया है। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा की ओर से 24 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश में इसे अवैध घोषित कर दिया है। कुलसचिव ने कहा कि कर्मचारी परिषद के बायलॉज में कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित है, जबकि यूनियन एक्ट-1926 में उल्लिखित कार्यकारिणी की अधिकतम समयावधि तीन वर्ष है।
ऐसे में लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी भी वैधानिक रूप से अस्तित्व में नहीं है।

साथ ही कहा कि इसके दृष्टिगत वर्तमान में विश्वविद्यालय कर्मचारी यूनियन का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। आदेश में संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कुलसचिव ने आदेश की प्रतियां कुलपति के सचिव, सभी संकायाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य अधिकारियों को भेजी हैं।

ये मामला इससे पहले भी विश्वविद्यालय में उठ चुका है। अप्रैल 2026 में कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया था कि कर्मचारी परिषद की कार्यकारिणी का एक वर्ष का कार्यकाल 29 अप्रैल 2024 को पूरा हो चुका था। इसके बाद कर्मचारी परिषद के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की गई थी।

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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, चुनाव के संबंध में 658 कर्मचारियों ने प्रत्यावेदन दिए थे। नए आदेश के बाद कर्मचारी परिषद की कार्यकारिणी की वैधानिक स्थिति पर स्थिति और स्पष्ट हो गई है। अब कर्मचारियों की प्रतिनिधि संस्था के चुनाव और नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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