मिशन शक्ति का शुभारंभ कर राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा, महिला खुद में बन चुकी सशक्‍त

मिशन शक्ति का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ करतीं राज्यपाल साथ सीएम योगी, निर्माला सीमारमण व अन्य।

आरयू ब्यूरो,लखनऊ। क्या महिलाओं को अभी भी सशक्तिकरण की जरूरत है। महिला स्वयं में सशक्त बन चुकी हैं। स्वयं के अंदर की शक्ति महिला पहचाने महिला अगर यह सोच ले कि हमें आगे बढ़ना है तो वह अवश्य बढ़ेगी। यह महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है। उक्‍त बातें शनिवार को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मिशन शक्ति के तृतीय चरण का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर कही।

साथ ही कहा कि मैं यूपी में पिछले साढ़े तीन साल से हूं काफी जनपदों में मेरा भ्रमण होता रहता है। मैं इसीलिए प्राथमिकता देती हूं। महिलाओं को पूरे प्रदेश पूरे हिंदुस्तान में 50 प्रतिशत महिलाएं हैं और 25 प्रतिशत बच्चे होते हैं बच्चों की परवरिश महिलाएं करती हैं। मतलब यह हुआ कि 75 प्रतिशत महिला और बच्चों को मिलाकर महिलाएं जिम्मेदारी उठा रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि, इसी वजह से केंद्र की योजनाओं में महिलाएं सबसे आगे हैं। महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति आरंभ किया है। इस योजना के तहत कितनी महिलाओं को लाभ मिला है। जब महिलाएं स्टेज पर आकर हमारे साथ अपने विषय रखती थी। तब मुझे लगा कि महिला स्वयं सख्त बन चुकी हैं। महिला अपने स्वयं के शक्ति पहचाने और यह ठान लेकर हमें आगे बढ़ना है। मैं भी आगे बढ़ सकती हूं।

पीएम की बढ़ाई करते हुए राज्‍यपाल ने कहा कि आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बार-बार देश ही नहीं, पूरी दुनिया याद करती है। जो भी योजनाएं बनेंगी केंद्र में उस में महिलाएं आगे होगी। हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि मोदी जी के मन में यह है। हम हमारी नारी को सशक्त बनाएं हमारी शिक्षित बनाएं। संस्कारी बनाएं तब भारत आगे बढ़ेगा और बढ़ रहा है। आज से 20 साल पहले क्या स्थिति थी। महिलाओं की महिलाओं को घर से बाहर निकलने नहीं देते घर में बैठो घर का काम करो पढ़ी-लिखी महिलाएं कुछ अच्छा काम करना चाहती थी।

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आनंदीबेन ने कहा कि बाल विवाह नहीं होना चाहिए… ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करना चाहिए। आज जब इतनी सारी महिलाएं यहां एकत्र हुई हैं। पुलिस विभाग की महिलाएं भी यहां आई हैं। वह जहां भी दहेज प्रथा और बाल विवाह हो उसको तुरंत जाकर बंद करवाएं। महिलाओं को साहस करना पड़ेगा। बंद करवाना चाहिए एक 15 साल की बेटी पढ़ना चाहती है। आगे बढ़ना चाहती है, सपना लेकर के आगे बढ़ना चाहती है।

राज्यपाल ने कहा कि, सपने लेकर जीती है कि मुझे ये करना है। मुझे ये बनना है अगर उसका 14 साल 15 साल में बाल विवाह हो जाता है। तो वहीं बेटी एक से डेढ़ साल बाद आगे चलकर जो बेटियां बेटे या बेटी को जन्म देगी उसे उस बेटी का क्या होगा। हमारे जो डॉक्टर और नर्स वगैरा हैं उस बेटी की सेवा कर रही है। आज जब मिशन शक्ति के रूप में हजारों महिलाएं आ गई हैं। जो टीवी पर लाखों महिलाएं देख रही हैं। यह संकल्प ले की हम दहेज प्रथा या दहेज नहीं लेंगे और अपने आसपास बाल विवाह होते देख उस पर रोक लगाएंगे।

कार्यक्रम में भारत सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्‍टी सीएम दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना समेत तमाम मंत्री, अफसर व अन्‍य मौजूद रहें।