आरयू वेब टीम। शिवसेना यूबीटी गुट के नेता संजय राउत ने एमएलसी कांग्रेस को लेकर बड़ा दावा किया है। साथ ही कहा कि विधानपरिषद सदस्य धीरज लिंगाडे को दल बदलने के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया था, हालांकि इस दावे के आते ही धीरज लिंगाडे ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
संजय राउत ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते समय कहा कि विपक्ष के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को लगातार तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा था कि धीरज लिंगाडे को भी 20 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। साथ ही कहा कि ये जानकारी उन्हें भरोसेमंद सूत्रों से मिली है। शिवसेना नेता ने यह नहीं बताया कि ये प्रस्ताव किसने दिया था और लिंगाडे को किस पार्टी में शामिल होने के लिए कहा गया था। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि राजनीति में जनप्रतिनिधियों को इस तरह अपने पक्ष में करने की कोशिश ठीक नहीं है।
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इस दौरान नेताओं को नसीहत देते हुए संजय राउत ने कहा कि हर नेता को ये समझना चाहिए कि उसे कहां रुकना है। उनके मुताबिक, जो लोग हर समय दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ लाने में लगे रहते हैं, उनका अंत अच्छा नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी राजनीति से बचना चाहिए। धीरज लिंगाडे और मंत्री ने किया खंडन दूसरी तरफ, धीरज लिंगाडे ने राउत के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि उन्हें किसी तरह का कोई प्रस्ताव नहीं मिला और वह इस बयान को सुनकर खुद भी हैरान हैं। वहीं, राज्य सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने भी राउत के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
शिवसेना नेता ने कहा कि संजय राउत अक्सर बिना किसी सबूत के इस तरह के दावे करते रहते हैं। महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि दूसरे दलों पर आरोप लगाने के बजाय शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। अब राउत के इस दावे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है।




















