आरयू वेब टीम। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने गुरुवार को बागी सांसदों के धमकी देने का आरोप लगाया है। संजय राउत ने सवाल किया कि क्या एकनाथ शिंदे ने बम की फ्रैक्ट्री बनाई है? जो बागी सांसदों ने उन्हें धमकी देते हुए कहा है कि अगर कोई उनके बारे में बोलेगा, तो बम से हमला कर देंगे। इस तरह की धमकी बहुत ही गंभीर है। मैंने इस संबंध में मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेंद्र भारती को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही गुरुवार को मीडिया से बातचीत में पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि अगर हमारी सेना को पाकिस्तान पर हमला करना होता है, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुमति लेते हैं कि हमला करना है या नहीं? इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल करते हैं कि क्या करना है? बागी सांसद तो सीधा बोल रहे हैं कि हम बम से हमला करेंगे। इस तरह खुलेआम धमकी देना कतई सही बात नहीं है, ऐसी स्थिति में उन सभी की जांच होनी चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि आखिर इन लोगों के पास बम कहां से आया? क्या एकनाथ शिंदे ने बम की फ्रैक्ट्री बनाई है? इस तरह से एक सांसद को बागी सांसदों द्वारा धमकी देने की जांच होनी चाहिए। मैंने इस संबंध में मुंबई के पुलिस कमिश्नर को लेटर लिखा है। मैं खुद इस मामले को लेकर कोर्ट जाऊंगा? हम सब इन लोगों के खिलाफ आंदोलन भी करेंगे। मैं किसी की भी धमकी से डरने वाला नहीं हूं।
आप लोगों ने नोटबंदी क्यों लगाई
संजय राउत ने कहा कि अगर देश में अराजकता फैलती है, तो आप लोगों ने नोटबंदी क्यों लगाई थी? कोरोना काल में एपेडेमिक एक्ट क्यों लगाया गया? जाहिर सी बात है कि संविधान में इन तमाम स्थितियों से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा के लोग संविधान को नहीं मानते हैं।
देश में पिछले 12 सालों से आपातकाल
इसके अलावा संजय राउत ने आपातकाल के विषय को एनसीईआरटी की पुस्तकों में शामिल करने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, आपातकाल को अगर सिलेबस में डाला गया है, तो हमें समझना चाहिए कि जो लोग इस तरह का बर्ताव करते हैं, उनकी सरकार चली जाती है। इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि इस देश में पिछले 12 सालों से आपातकाल लगा हुआ है।
जबकि इंदिरा गांधी ने किसी की पार्टी को तोड़ने का काम नहीं किया। इंदिरा गांधी ने संविधान को खत्म नहीं किया। संघ के लोग जब जेल में थे, तो इंदिरा गांधी ने इन सभी लोगों के लिए पूरी व्यवस्था की थी। यहां तक की फाइव स्टार होलट के शेफ को भी इनकी सेवा के लिए नियुक्त किया गया था। उसमें से कुछ लोगों ने इंदिरा गांधी से माफी भी मांगी थी। इसमें कई लोग शामिल थे। अब इस घटना को 50 साल हो चुके हैं। अब इस देश में आपातकाल है।
आप संविधान को नहीं मानते
आपातकाल किसी पढ़ाई का विषय नहीं है, यह व्यवस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान में यह व्यवस्था की गई है कि जब कभी भी देश में प्रतिकूल स्थिति पैदा होगी, तो आपातकाल लगा दिया जाएगा। इस तरह की व्यवस्था संविधान में की गई है। अब अगर आप संविधान के बारे में इस तरह की बातें कर रहे हैं, तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि आप संविधान को नहीं मानते हैं। संजय राउत ने कहा कि अगर देश में अराजकता फैलती है, तो आप लोगों ने नोटबंदी क्यों लगाई थी? मुझे इसके बारे में बताइए। कोरोना काल में पेडेमिक एक्ट क्यों लगाया गया है? जाहिर-सी बात है कि संविधान में इन तमाम स्थितियों से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि आप लोग संविधान को नहीं मानते हैं।
देश में था अराजकता का माहौल
राज्यसभा सांसद ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने भी आपातकाल का समर्थन किया था, क्योंकि देश में अराजकता का माहौल था। भाजपा के नेता उन दिनों खुलेआम सरकार को चैलेंज कर रहे थे और लोगों को गुमराह करते हुए कह रहे थे कि सरकार के आदेश का पालन मत करो। अगर कोई प्रधानमंत्री के बारे में कहेगा कि उनके आदेश का पालन मत करो, तो उन्हें कैसा लगेगा। ऐसी स्थिति में एक नहीं, बल्कि दस इमरजेंसी लगनी चाहिए।



















