व्हाट्सएप-फेसबुक को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, “आप होंगे दो-तीन ट्रिलियन की कंपनी, मगर लोगों की निजता की कीमत इससे ज्यादा”

व्हाट्सएप-फेसबुक

आरयू वेब टीम। व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर हो रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसबुक और व्हाट्सएप को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने जनता प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूरोप और भारत में अलग-अलग पैमानों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप व फेसबुक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआइ) ने फेसबुक और व्हाट्सएप को नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर नोटिस इश्यू करते हुए कहा कि यूजर की प्राइवेसी को सुरक्षित रखा जाना बेहद महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में फेसबुक और व्हाट्सएप को यह बात स्पष्ट करनी होगी कि यूजर्स का किस तरह का डेटा शेयर किया जा रहा है और किस तरह का डेटा शेयर नहीं किया जा रहा।

यह भी पढ़ें- दुनियाभर में लोगों की नाराजगी के बाद WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर तीन माह की रोक

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, “आप दो या तीन ट्रिलियन की कंपनी होंगे, लेकिन लोग अपनी निजता की कीमत इससे ज्यादा मानते हैं और उन्हें ऐसा मानने का अधिकार है।”याचिका में बताया गया था कि यूरोप और भारत के लिए अलग पैमाने अपनाए जा रहे हैं। भारत में डेटा प्रोटेक्शन कानून बनने वाला है, उसका इंतजार किए बिना पहले व्हाट्सऐप नई पॉलिसी ले आया है।

मालूम हो कि ये मामला व्हाट्सऐप की उस प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है, जो 2016 में आई थी। इसे लेकर भी मसला कोर्ट तक पहुंचा था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि नागरिकों के निजी डेटा को सुरक्षित रखने और उसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए क्या वह कोई कानून बनाएगी? सरकार को इस पहलू पर जवाब देना है।

यह भी पढ़ें- भारत सरकार ने नई WhatsApp Privacy पॉलिसी पर जताया ऐतराज, लेटर लिखकर सीईओ से मांगा जवाब

LEAVE A REPLY