मोदी ने ड्रीम प्रोजेक्‍ट रो-रो फेरी का किया उद्घाटन, 30 किलोमीटर में सिमटी 310 KM की दूरी

प्रोजेक्ट रो-रो फेरी

आरयू वेब टीम।

गुजरात विधानसभा चुनाव की तीथि की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने गृहराज्य पहुंचे। मोदी आज सबसे पहले भावनगर पहुंचे। जहां उन्‍होंने भावनगर जिले में घोघा और भरूच में दाहेज के बीच 615 करोड़ रुपये की ‘रोल ऑन, रोल ऑफ (रो-रो)’ नौका सेवा के पहले चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने न सिर्फ अपने विकास कार्यों की गिनती गिनाई बल्कि पूर्व की यूपीए सरकार पर बड़ा आरोप लगाया।

उन्‍होंने कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार ने तब बापी से लेकर कच्छ के मांडवी तक विकास पर पूरा प्रतिबंध लगा दिया था। हमारी सारी इंडस्ट्री को पर्यावरण के नाम पर ताले लगाने की धमकी दी थी, लेकिन दिल्ली में जब आप सबने मुझे सेवा करने का मौका दिया तो एक के बाद एक परेशानी दूर हो गयी।

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पीएम ने आगे कहा कि नए संकल्प के साथ नए भारत, नए गुजरात की दिशा में अनमोल उपहार घोघा की धऱती से पूरे हिन्दुस्तान को मिल रहा है। यह भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। वहीं इतिहास याद दिलाते हुए मोदी ने कहा कि यह विवाद का विषय है कि मनुष्य ने पहले तैरना सीखा था या पहिया बनाया था, लेकिन दोनों का उपयोग परिवहन के लिए होता है। सड़क मार्ग से दोनों शहरों के बीच की दूरी 310 किलोमीटर है और इस नौका सेवा से यह दूरी घट कर 30 किलोमीटर रह जाएगी। जिस सामान को सड़क के रास्ते ले जाने में डेढ़ रुपये का खर्च होता है, उसी सामान को जल मार्ग से ले जाने में 20-25 पैसे का खर्च आता है।

सोचिए की इस प्रोजेक्‍ट के माध्‍यम से देश का कितना पेट्रोल-डीजल बचने जा रहा है, समय बचने जा रहा है। साथ ही फेरी सर्विस का उपयोग बढ़ने से इसका असर सड़क परिवहन पर पड़ेगा, गाड़ियों की संख्या कम होगी, उनकी रफ्तार बढ़ेगी और यहां के इकोनॉमी सिस्टम को टॉप गियर में ले जा सकती है। साथ ही इस प्रोजेक्‍ट से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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मोदी ने कहा कि पर्यावरण के नाम पर रो रो फेरी सर्विस में अड़ंगा डाला गया था। पहले की सरकार ने संरचनात्मक गलतियां की थी कि यह सर्विस नहीं हो सकती थी, जिसे फेरी चलानी थी उनसे कहा जाता था कि आप ही टर्मिनल बनाओ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल उठाया कि बस चलाने वाले को हम कहते हैं कि तुम्हीं रोड बनाओ। यह काम तो सरकार करती है। पुरानी सरकार के फैसलों को बदल दिया। हमने तय किया कि फेरी सर्विस के लिए टर्मिनल बनाने का काम सरकार करेगी और फेरी चलाने का काम एजेंसियों को दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वीर मोखड़ा जी दादा को नमन करता हूं, जैसे मछुआरे भाई उन्हें नारियल चढ़ा कर आगे बढ़ते हैं मैं भी उसी परंपरा के अनुसार, नारियल चढ़ा कर आगे बढ़ूंगा, ताकि उनका आशीर्वाद हम पर बना रहे।

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