आरयू ब्यूरो, लखनऊ। दिल्ली-मुंबई की तर्ज पर अब सूबे की राजधानी लखनऊ में भी मेट्रो लाइन के आसपास मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनती नजर आएगी। वर्तमान व प्रस्तावित मेट्रो लाइन के दोनों तरफ पांच-पांच सौ मीटर की रेंज में घोषित ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन में एलडीए इसके लिए प्राइवेट डेवलपर्स को सड़क की चौड़ाई व लैंड यूज के आधार पर पांच फ्लोर एरिया रेशिया (एफएआर) तक की मंजूरी देगा।
आज एलडीए वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने प्राइवेट डेवलपर्स व आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक कर उन्हें टीओडी नीति के फायदे गिनाते हुए कहा कि इसके तहत मेट्रो लाइन के मध्य से दोनों तरफ पांच-पांच सौ मीटर के दायरे में मिक्स लैंड यूज को मंजूरी दी गयी है। जिसके अंतर्गत अब एक हेक्टेयर तक के क्षेत्रफल में 70 प्रतिशत बुनियादी भू-उपयोग तथा 30 प्रतिशत मिक्स लैंड यूज मान्य होगा, जबकि एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में 50 प्रतिशत बुनियादी और इतने ही हिस्से में मिश्रित भू-उपयोग का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
जोन में आधी भी जमीन तो मिलेगा फायदा पूरा
साथ ही इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि अगर किसी प्रोजेक्ट की 50 प्रतिशत जमीन भी टीओडी जोन में होगी तो उसे पूरे प्रोजेक्ट पर टीओडी नीति का फायदा दिया जाएगा। इसके अलावा टीओडी क्षेत्र में बिल्डिंग बनाने के लिए बिना जोनल डेवलपमेंट प्लान के भी नक्शा पास हो जाएगा। इसके लिए शासन ने भी मंजूरी दे दी है।
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व्यापारी, डेवलपर्स व उद्यमी चाहें तो…
नीति की एक अन्य शर्त का जिक्र करते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी, डेवलपर्स व उद्यमी चाहें तो मिलकर भी टीओडी जोन में जमीनें खरीद भव्य इमारतें बनाकर कॉमर्शियल व आवासीय आदि गतिविधियां करा सकते हैं।
टीओडी नीति का कराएं व्यापक प्रचार-प्रसार
इंद्रमणि त्रिपाठी ने आज जहां प्राइवेट डेवलपर्स व आर्किटेक्ट्स को इन नीतियों का लाभ उठाकर शहर का विकास करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं एलडीए के अफसरों को भी निर्देश दिया कि टीओडी नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। इसके अलावा टीओडी जोन में आने वाले स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर भी उन्हें नीतियों की जानकारी दें।
उपाध्यक्ष के हाथ होगी सिंगल विन्डो की कमान
इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि टीओडी के अंतर्गत आने वाले सभी आवेदनों को सिंगल विन्डो सिस्टम के तहत निस्तारित कराया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग वह खुद करेंगे।
एलडीए को जमीन देने वालों को मिलेगा FAR
वहीं आज उपाध्यक्ष ने टीडीआर पर चर्चा करते हुए शहर के नियोजित विकास में डेवलपर्स से सहयोग की अपील। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क, पार्क, खुला क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट व सार्वजनिक कार्य के लिए मुफ्त में अपनी जमीन एलडीए को देता है तो उसे जमीन की कीमत के बराबर एफएआर दिया जाएगा, जोकि ट्रांसफरेबल होगा और बेचा भी जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए सेंडिग व रीसीविंग जोन चिन्हित किये जाएंगे।
बैठक में मुख्य सीटीपी के.के. गौतम, एक्सईएन संजय जिंदल के अलावा लखनऊ के कई प्रमुख डेवलपर्स व आर्किटेक्ट्स मौजद रहें।



















