आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की तमाम मौखिक चेतावनियों के बाद भी इसके इंजीनियर अवैध निर्माण कराने के साथ इसको संरक्षण देने से भी बाज नहीं आ रहें। गुरुवार को एलडीए में आयोजित जनता अदालत में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक छह मंजिला अवैध अपार्टमेंट से परेशान 70 वर्षीय भूपिन्दर सिंह ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से गुहार लगाते हुए न सिर्फ अवैध निर्माण रोकने के लिए तैनात किए गए प्राधिकरण के अभियंताओं की कारस्तानी बयान की, बल्कि प्रवर्तन अनुभाग (सैलरी, वाहन व सुरक्षा) पर प्राधिकरण द्वारा हर महीने जनता के करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लखनऊ में अवैध निर्माण कराने व बचाने वालों का सिंडिकेट किस स्तर तक हावी है इसकी भी पोल खोली।
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वहीं दूसरी ओर आज सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में बने एक अवैध कॉम्पलेक्स को तोड़ने पहुंची एलडीए की टीम पर ग्रामीणों ने घेरकर पथराव कर दिया। इस हमले में दो जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह व देवांश त्रिवेदी समेत कुछ इंजीनियर व कर्मी भी घायल हुए हैं, साथ ही कार्रवाई से आक्रोशित गांववालों ने प्राधिकरण की जेसीबी व पुकलैंड सहित आधा दर्जन से ज्यादा वाहनों पर पत्थर-लाठी बरसाकर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया।
यह था मामला-
जनता अदालत में आज पहुंचे सुभाष नगर (कृष्णा नगर) निवासी भूपिन्दर सिंह ने बताया कि करीब आठ हजार वर्ग फिट जमीन पर छह मंजिला अवैध अपार्टमेंट का दबंगों ने निर्माण कराया है। 14 दिसंबर 2021 को निर्माणाधीन अपार्टमेंट के खिलाफ प्रवर्तन जोन तीन के जेई ने नोटिस काटी थीं, लेकिन तमाम शिकायतों व संकरा रास्ता होने के बाद भी अवैध निर्माण चलता रहा, नोटिस के करीब दो साल बाद विहित प्राधिकारी एस.पी. सिंह ने 27 फरवरी 2024 को अपार्टमेंट के ध्वस्तीकरण आदेश देते हुए 30 दिन में अपार्टमेंट गिराने को कहा था। बुजुर्ग ने प्रथमेश कुमार को बताया कि करीब दो साल बीतने और प्राधिकरण के दर्जनों चक्कर लगाने के बाद भी आज तक अवैध अपार्टमेंट गिराया नहीं गया।
एई ने जेई तो अवर अभियंता ने भेजा बाबू के पास
बुजुर्ग ने आगे बताया कि इस बीच वह जोन तीन के सहायक अभियंता जे.एम. सिंह से मिले तो उन्होंने जेई राम चौहान के पास भेज दिया। राम चौहान ने भी ठोस कार्रवाई करने की जगह उन्हें बाबू राजेश सोनकर से मिलने को कहा, करीब छह महीने में बाबू से भी दो दर्जन बार मिलकर अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन वह भी अवैध अपार्टमेंट की फाइल गायब होने बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है।
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प्रथमेश कुमार ने अवैध निर्माण के सिंडिकेट में फंसे बुजुर्ग का दर्द सुनने के बाद नाराजगी जताते हुए जोन तीन के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह को अवैध अपार्टमेंट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
अवैध निर्माणकर्ता दे रहा धमकी
भूपिन्दर सिंह ने मीडिया को बताया कि एलडीए के इंजीनियर-बाबू जहां अवैध अपार्टमेंट को बचाने के लिए हर स्तर का पैंतरा अपना रहें हैं। वहीं बिना नक्शा पास कराए तंग रास्ते पर दर्जनों बड़े फ्लैट बनाने वाला निर्माणकर्ता उनको लगातार तरह-तरह की धमकी दे रहा है। इससे उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है।
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जनता अदालत में उपाध्यक्ष के अलावा एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, संयुक्त सचिव सोमकमल सीताराम समेत अन्य अफसर व इंजीनियर व कर्मी मौजूद रहें।
दो नामजद समेत दर्जनों अज्ञात पर FIR
वहीं आज एलडीए की टीम पर हुए हमले को गंभीरता से लेते हुए एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। जिसके बाद जोन एक के जेई शिवानंद शुक्ला ने दो नामजद समेत दर्जनों अज्ञात गांववालों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
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एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि कासिम बाबा व अन्य लोगों ने सुशांत गोल्फ सिटी के चिलौला गांव में करीब पांच हजार वर्गफिट में अवैध कॉम्पलेक्स बनवाया था। जिसके विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये थे।
कार्रवाई के दौरान किया हमला, वाहन भी तोड़े
सचिव ने कहा कि ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन में प्रवर्तन जोन एक के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी आज दोपहर अपनी टीम के साथ स्थल पर कार्रवाई करने पहुंचे। जिसमें प्रवर्तन जोन दो के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह भी अपनी टीम के साथ सहयोग में उपस्थित थे। प्रवर्तन दल द्वारा जेसीबी व पुकलैंड के माध्यम से अवैध दुकानों को ढहाया जा रहा था। तभी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेन्द्र रावत व दीपू यादव भीड़ को एकत्रित करके मौके पर पहुंच गये। उन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने जेसीबी, पुकलैंड, डम्पर, बोलेरो समेत अन्य सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त कर दिये। पथराव में जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह, देवांश त्रिवेदी समेत अन्य कर्मचारियों को चोटें आयी हैं।
जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि जेई शिवानंद शुक्ला की तरफ से नरेन्द्र रावत व दीपू यादव समेत अन्य हमलावरों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी में एफआइआर दर्ज करायी गयी है।
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अधिकारी सच में ईमानदार हैं तो…
वहीं ग्रामीणों का आरोप था कि दुकानों के निर्माण के समय भी एलडीए के इंजीनियर व कर्मी आए थे और उन लोगों को धमकाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की थीं। एलडीए के अधिकारी अपने काम के प्रति सचमुच ईमानदार है तो गांववालों की दुकानें तोड़ने से पहले इन दुकानाें के निर्माण के समय क्षेत्र में तैनात रहें इंजीनियर व कर्मचारियों पर भी कार्रवाई करें।




















