महिला आरक्षण कानून में परिसीमन जोड़ना NRC लागू करने की बड़ी साजिश: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी
रैली को संबोधित करतीं ममता बनर्जी।

आरयू वेब टीम। लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में बड़ा विधेयक पेश किया। जिसके साथ ही विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन कर उसमें परिसीमन से संबंधित विधेयकों को जोड़ना मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की साजिश है। ममता ने कहा कि भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है।

देरी पर भी उठाएं सवाल

ममता बनर्जी ने कूच बिहार जिले के माथाभंगा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आज कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को आपस में जोड़कर भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है। इन विधेयकों को आपस में जोड़ना मतदाताओं के नाम हटाने और एनआरसी को लागू करने की साजिश है।’’

साथ ही सीएम ने कहा कि ‘‘महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक तो बहुत पहले ही पारित हो चुका था, फिर इसके कार्यान्वयन में देरी क्यों हुई?’’ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने दावा किया कि लोकसभा में उनकी पार्टी के निर्वाचित सांसदों में से 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बीजेपी पर महिला आरक्षण में देरी करने का आरोप लगाया।

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वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित तौर पर ‘‘कार्ड’’ बांटने का जिक्र करते हुए, टीएमसी प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए सीतारमण को पद से हटाने की चुनौती दी। अलीपुरद्वार में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम के लोग भारी धनराशि लेकर होटलों और अतिथि गृहों में ठहरे हुए हैं ताकि बंगाल में मतदाताओं को प्रभावित कर सकें।’’

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