लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने SCERT ऑफिस घेराव कर की जमकर नारेबाजी

शिक्षक अभ्यर्थी
प्रदर्शन करते शिक्षक अभ्यर्थी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ के निशातगंज में जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद आफिस (एससीईआरटी) का घेरकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि पांच साल में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर मेरिट लिस्ट जारी कर हमें स्कूलों के साथ शॉर्टलिस्ट कर दिया गया। उसके बाद भर्ती कोर्ट में चली गई। अब नियुक्ति नहीं हो पा रही है।

हमने परीक्षा पास की, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराया, परिवार वालों को इसकी मिठाई भी खिला दी। अब नियुक्ति नहीं हो पा रही है। अब हमारा मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है। अगर इस पर जल्दी ही फैसला नहीं आया तो हम सुसाइड कर लेंगे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने 1894 पदों की भर्ती को 634 पद पर लाने का आरोप भी लगाया।

अगर चुनाव से पहले नौकरी नहीं मिली तो हम लोग भाजपा को हटाने वाले हैं। ये सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा नहीं देना चाहती। पिछले आठ साल में इन्होंने न प्राइमरी में और न ही माध्यमिक में कोई भर्ती दिया है। ये जब सुप्रीम कोर्ट का डंडा होता है तब भर्ती देते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य की सरकार विद्यालयों को बंद कर दें, सबको संविदा पर कर दिया जाए।

यह भी पढ़ें- 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री का घेरा आवास, लगाया आरक्षण घोटाले का आरोप

अभ्यर्थियों के अनुसार एक जनवरी 2021 को 1894 पदों पर भर्ती निकली जिसे बाद संशोधित 1262 पदों के लिए कर दिया गया। संबंधित भर्ती की 17 अक्टूबर 2021 को प्रदेश भर में परीक्षा कराई गई। इसमें लगभग तीन लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 42 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए। छह सितंबर 2022 को रिजल्ट आया, उसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ। 1262 सहायक अध्यापक पदों और 253 प्रधानाध्यापक पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई। उसके बाद हाईकोर्ट से वैकेंसी रोक दी गई।

यह भी पढ़ें- 69 हजार शिक्षक भर्ती: दलित-ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर फिर उठाई नियुक्ति की मांग