आरयू वेब टीम। बंगाल चुनाव खत्म होते ही आई-पैक के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को बड़ी राहत मिली है। विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विनेश चंदेल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। पिछली सुनवाई में पाटियाला हाउस कोर्ट ने विनेश चंदेल की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। ईडी ने विनेश चंदेल की जमानत का विरोध नहीं किया।
दरअसल पटियाला हाउस कोर्ट ने 28 अप्रैल को कथित कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आई-पैक के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को राहत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। विनेश चंदेल ने अपनी मां की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी, हालांकि अदालत ने उनकी अर्जी को अस्वीकार कर दिया था।
इससे पहले 23 अप्रैल को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने यह आदेश जारी किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट ने चंदेल को सात मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था। इससे पहले 14 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत ने चंदेल को दस दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। उन्हें देर रात अदालत में पेश किया गया था और सुनवाई देर रात तक चली थी।
गौरतलब है कि ईडी ने चंदेल को 28 मार्च को दर्ज ईसीआइआर के मामले में गिरफ्तार किया था। ये मामला आर्थिक अपराध शाखा की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें एम/एस इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, खातों में गड़बड़ी और गैर-हिसाबी धन के इस्तेमाल के आरोप हैं।
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ईडी ने अपनी रिमांड अर्जी में कहा था कि कंपनी के संस्थापक निदेशक चंदेल कथित अपराध से जुड़े धन के लेनदेन में सक्रिय रूप से शामिल थे और अवैध धन को पैदा करने, छिपाने और उसे वैध बनाने की प्रक्रिया में उनकी मुख्य भूमिका थी। एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने पैसे लेने के लिए बैंक और नकद दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया। कुछ भुगतान ’50 प्रतिशत चेक’ के साथ किए जाने के भी संकेत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि रकम को अलग-अलग हिस्सों में लिया गया।
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