ओपी राजभर के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गैरजमानती वारंट

ओपी राजभर

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार के सहयोगी व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत में लगातार पेश न होने के कारण ये सख्त कदम उठाया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है।

साथ ही कोर्ट ने अब इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 16 मई को तय की है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजभर समय पर अदालत में पेश होते हैं तो उन्हें राहत मिल सकती है, लेकिन अनुपस्थिति जारी रहने पर कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है।

दरअसल पूरा मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोजित एक जनसभा से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा बाजार में हुई इस सभा में ओम प्रकाश राजभर ने अपने भाषण के दौरान राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। आरोप है कि उन्होंने मंच से कुछ ऐसे बयान दिए, जिन्हें लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ माना गया। इसी आधार पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जो अब कोर्ट में विचाराधीन है।

यह भी पढ़ें ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज, पत्‍नी के सम्मान के साथ खड़ा नहीं होने वाले क्‍या देंगे महिलाओं का साथ

इस मामले में उपनिरीक्षक की शिकायत पर हलधरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। इसके बाद से केस की सुनवाई एमपी- एमएलए कोर्ट में चल रही है। हालांकि अभी तक इस मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए हैं, लेकिन बार-बार अदालत में अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। इस कदम को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीरता दिखाने के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें- लखनऊ अग्निकांड पर हाईकोर्ट की अफसरों को फटकार, कैसे हुआ अवैध कब्जा, DM-नगर निगम से मांगा जवाब