वाराणसी में भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर-गेस्ट हाउस बनाने को जमीन देगी योगी सरकार, एक रुपए होगा वार्षिक किराया

एमओयू
एमओयू के दस्तावेज साझा करते दोनों देशों के प्रतिनिधि।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार ने भारत और भूटान के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को बेहतर करने के लिए बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच बुधवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। जिसके तहत योगी सरकार वाराणसी में बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस निर्माण के लिए भूटान सरकार को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त कर कहा कि यह समझौता भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

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एमओयू के मुताबिक यूपी सरकार भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि 30 साल की लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिसका वार्षिक किराया महज एक रुपए होगा। सरकार का कहना है कि इससे सारनाथ और वाराणसी में देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इसके लिए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में बुधवार को पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच लीज डीड एग्रीमेंट (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जिसमें वाराणसी के अजईपुर, परगना कोलअसला, तहसील पिंडरा स्थित प्राइम लोकेशन की दो एकड़ भूमि भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर एवं अतिथि गृह निर्माण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मिलेगी मजबूती

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने भूटान सरकार के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। साथ ही कहा कि सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण प्रेरणास्थलों में शामिल है। यहां भूटान द्वारा बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस का निर्माण होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी तथा बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु वाराणसी पहुंचेंगे।

बौद्ध परिपथ के विकास को विशेष प्राथमिकता…

इस दौरान पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बौद्ध परिपथ के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। संकिसा, कुशीनगर और अन्य प्रमुख बौद्ध स्थलों पर उच्च स्तरीय पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे विदेशी पर्यटकों की पहुंच आसान हुई है।

सभी एमओयू की करें समीक्षा

वहीं जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के कारण देश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनकर उभर रहा है। सारनाथ न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बौद्धिक और दार्शनिक विरासत का भी वैश्विक केंद्र है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2017 के बाद पर्यटन विभाग द्वारा किए गए सभी एमओयू की समीक्षा की जाए तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया जाए, ताकि प्रदेश में पर्यटन निवेश और पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सके।

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