अयोध्‍या में बोले केजरीवाल, “जो राम के ना हुए, वो राष्ट्र के क्या होंगे, चंदा चोर पार्टी का हो सामाजिक बहिष्कार”

अयोध्‍या में केजरीवाल
मीडिया से बात करते अरविंद केजरीवाल।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। राम मंदिर से चोरी करने वालों को राक्षस बताते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्‍हें सरेआम फांसी देने की मांग की है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे। पूरे देश में चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। क्योंकि ट्रस्ट, ट्रस्ट के लोग और राम के घर डकैती करने वाले सब चंदा चोर पार्टी के हैं।

अयोध्‍या में आयोजित एक प्रेसवार्ता में दिल्‍ली के पूर्व सीएम ने चोरी कांड में हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि चंदा चोर पार्टी छोटे प्यादों को फंसाकर राम के घर बड़ी डकैती करने वालों को बचा रही है। ऐसे में करोड़ों हिन्दुओं की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब बड़े डकैतों को फांसी की सजा होगी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन्होंने चोरी की, उन्हीं पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है। फर्जी एसआईटी, फर्जी एफआईआर और फर्जी गिरफ्तारी, छोटे प्यादों को फंसाकर बड़े अपराधियों को बचाया गया।

इसीलिए दर्शन करने राम मंदिर गया

केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के घर में महा डकैती हो गई है। भगवान राम के आभूषण, उनका हार, उनकी पादुका, उन पर चढ़ाए गए चांदी, सोना, हीरे-जवाहरात, करोड़ों-अरबों रुपए का कैश और ना जाने क्या-क्या चोरी हो गया है। इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं। भगवान राम पर करोड़ों-करोड़ों लोगों की आस्था है और उन करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। लोग आहत हुए हैं। मैं स्वयं बहुत आहत हुआ और इसीलिए आज मैं भगवान राम के दर्शन करने के लिए राम मंदिर गया।

योगी से कहा, मत दीजिए महापापियों का साथ

वहीं सीएम योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि महाराज जी, ये जो चंदा चोर हैं, ये आपको भी हटाने का पूरा षड्यंत्र रच रहे हैं और आपकी भी कुर्सी के पीछे पड़े हैं। आप महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे हैं? मेरा संघर्ष यह है कि इन चंदा चोरों और राक्षसों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए। इसमें मेरा साथ दीजिए और इन महापापियों का साथ मत दीजिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रोज 12 से 14 लाख रुपए का चंदा मंदिर में आया करता था। जब से यह खबरें मीडिया में आई हैं, यह घटकर एक लाख रुपए से भी कम हो गया है। लोगों की आस्था को बहुत भारी ठेस पहुंची है। सिंधी समाज की दो सौ किलो चांदी गायब कर दी गयी। किसी रस्तोगी जी ने दो दीपक दान में दिए, जिसमें से एक दीपक पर अखंड ज्योति जलाई गई। बता रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद उस दीपक का कोई अता-पता नहीं है। बहुत सारे लोग अब अपने-अपने चंदे का हिसाब मांग रहे हैं। जिन लोगों ने अपनी जमीनें, गहने और अपने घर का पूरा सामान बेचकर सब कुछ भगवान राम पर लुटा दिया, आज उनकी आस्था को भारी ठेस पहुंची है।

दस मिनट में 18 करोड़ में बेची दो करोड़ वाली जमीन

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि राम मंदिर के नाम पर जमीनों की भी चोरी हुई है। इसका एक उदाहरण है कि कुसुम पाठक और हरीश पाठक ने 18 मार्च 2021 को अपनी सवा हेक्टेयर जमीन 2 करोड़ रुपए में चंदा चोर पार्टी से संबंधित दो लोगों को बेची। मात्र 10 मिनट के अंदर मंदिर के ट्रस्ट ने 2 करोड़ की वही जमीन चंदा चोर पार्टी के लोगों से 18 करोड़ रुपए में खरीद ली। इसका मतलब 16 करोड़ रुपए ट्रस्ट ने भगवान राम के साइफन ऑफ कर दिए। इस तरह के भी ढेरों उदाहरण हैं जिनकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिन लोगों को कार्रवाई करनी है, वे अपने खिलाफ एक्शन नहीं लेंगे।

टेंडर में भी हुई कमीशनबाजी

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में भी आरोप लग रहे हैं कि हर टेंडर में भी कमीशन खाया गया और 2 रुपए का काम 10-20 रुपए में कराया गया। और अब जो निकल कर आ रहा है कि मंदिर बनने के समय और मंदिर चालू होने के बाद जितना चढ़ावा आया, उस चढ़ावे की बड़े स्तर के ऊपर चोरी की गई है।

गायब कर दी CCTV की रिकॉर्डिंग

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर किसी मंदिर की मूर्ति चोरी हो जाए, तो वह एक घटना मानी जा सकती है, लेकिन जहां रोज इतने बड़े स्तर पर चोरी हो रही हो, शिकायतें हो रही हों और 8 महीने के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग गायब कर दी गई हो, तो इसका मतलब है कि यह बहुत ऊपर तक की बात है। मुख्य प्रश्न यह है, जो पूरा देश और हिंदू समाज जानना चाहता है कि कितने करोड़ और अरबों रुपए की चोरी हुई और वह सारा पैसा गया कहां? वह सारा पैसा ये आठ कैशियर नहीं ले गए जिनके खिलाफ एफआईआर हुई है। जो अरबों रुपए का पैसा, सारे हीरे-जवाहरात, चांदी, पादुका, हार और भगवान के आभूषण चोरी हो गए, वह अयोध्या के बाहर गया, कहां गया और उसका डेस्टिनेशन कहां है? इसके तार बहुत ऊपर तक हैं।

साधु-संत और धर्माचार्यों को सौंपा जाए राम मंदिर

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हिंदू समाज की मांग है कि ट्रस्ट के अंदर बैठे इन नेताओं और अफसरों का मंदिर से क्या लेना-देना है? इन्होंने अपने प्यादों को बिठा रखा है। आज हम हनुमानगढ़ी गए थे, जिसका संचालन साधु-संत करते हैं। साधु-संत निर्माेही होते हैं। वहां सदियों से करोड़ों का चंदा चढ़ता है, लेकिन आज तक एक नए पैसे का आरोप नहीं लगा। वह मंदिर सदियों से चल रहा है। भगवान राम का मंदिर भी साधु-संतों और धर्माचार्यों को सौंपा जाए। इन अफसरों और नेताओं को उसके चंगुल से हटाया जाए और ट्रस्ट में केवल धर्माचार्यों को ही रखा जाए।

कुछ अंधभक्तों को लगता था कि…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि कुछ अंधभक्तों को लगता था कि ये लोग बड़े ईमानदार हैं और उन्हें इनकी ईमानदारी पर बड़ा भरोसा था, वे अंधभक्त जान लें कि जिन्होंने राम को नहीं छोड़ा, वे राष्ट्र को क्या छोड़ेंगे? मैं पूरे देश से अपील करना चाहता हूं कि यह धर्म युद्ध है, इसके लिए सब लोगों को उठना और खड़ा होना पड़ेगा। सब लोगों को इस धर्म युद्ध की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। आज मैं तो भगवान राम के मंदिर में कसम खाकर आया हूं कि जब तक इन राक्षसों को फांसी पर नहीं चढ़वा दूंगा, तब तक चैन की सांस नहीं लूंगा।

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