छात्र नेताओं की जमानत पर बोले संजय सिंह, प्रशासनिक दमन से हमेशा के लिए नहीं दबाया जा सकता युवाओं की आवाज

संजय सिंह
संजय सिंह। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा छात्र नेता आशुतोष पांडेय और पंकज पांडेय को जमानत दिए जाने के बाद योगी सरकार पर हमला बोला है। संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्र नेताओं को सत्ता के दबाव में झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया, लेकिन अब अदालत के फैसले ने योगी सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अपने एक बयान में आज संजय सिंह ने कहा कि न्यायालय की टिप्पणी और जमानत आदेश इस बात का प्रमाण है कि युवाओं की आवाज को प्रशासनिक दमन से हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। साथ ही योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अवधी की एक प्रसिद्ध कहावत है, “सौ-सौ जूता खाय तमाशा घुस कय देखैय।” यही स्थिति आज योगी सरकार की हो गई है।

चाटुकार अधिकारियों से सावधान रहें,…

वहीं आप नेता ने मुख्यमंत्री योगी को सलाह दी कि वे अपने आसपास मौजूद चाटुकार अधिकारियों से सावधान रहें, क्योंकि ऐसे अधिकारी सरकार को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेता आशुतोष पांडेय और पंकज पांडेय को सत्ता के इशारे पर जबरन जेल में रखा गया और युवाओं के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की गई, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले ने सरकार की कार्रवाई की वास्तविकता उजागर कर दी।

यह भी पढ़ें- NEET पेपर लीक पर राहुल का आरोप, PM मोदी की भ्रष्ट व्यवस्था ने लूटा युवाओं का भविष्य

हमला जारी रखते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य चयन प्रक्रियाओं को लेकर लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। जब छात्र और युवा सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग करने लगे तो सरकार ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन करने वालों पर मुकदमे दर्ज कराए, गिरफ्तारियां कराईं और दमन का रास्ता अपनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पेपर लीक पर चर्चा से लगातार भागती रही है, लेकिन युवाओं का आक्रोश और संघर्ष अब पूरे प्रदेश में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।

यह भी पढ़ें- पेपर लीक पर छात्रों से संवाद कर रहे सांसद संजय सिंह को अधिकारियों ने रोका, हुई तीखी बहस