जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई पर बोले संजय सिंह, युवाओं को जाहिल बनाना चाह रही मोदी-योगी सरकार

संजय सिंह
संजय सिंह। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी सांसद संजय सिंह ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी और योगी सरकार देश की आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा से वंचित कर उन्हें अनपढ़ और जाहिल बनाए रखना चाहती है।

यह भी पढ़ें- चंद्रशेखर ने कहा, जौहर विश्वविद्यालय पर अदालत के फैसले से पहले बुलडोजर चला, तो ये होगी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना

लखनऊ में जारी एक बयान में संजय सिंह ने देश के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और बंद होते शिक्षण संस्थानों का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ बुनियादी शिक्षा खत्म की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थापित विश्वविद्यालयों को राजनीतिक द्वेष के चलते नष्ट किया जा रहा है। जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आप सांसद ने कहा कि ये कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार को शिक्षा और ज्ञान के केंद्रों से कितनी नफरत है।

देश में शिक्षा को मिलना चाहिए बढ़ावा

आप के राज्यसभा सांसद ने कहा कि जिस देश में शिक्षा को बढ़ावा मिलना चाहिए, वहां राजनीतिक प्रतिशोध के कारण एक विश्वविद्यालय को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। यह सिर्फ एक इमारत गिराने का मामला नहीं है, बल्कि यह उन हजारों छात्रों के भविष्य पर हमला है जो वहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या करने वाले थे।

देश के एक लाख सरकारी स्कूल हो चुके बंद

वहीं देशभर में शिक्षा के गिरते स्तर और बंद होते स्कूलों का आंकड़ा पेश करते हुए संजय सिंह ने सरकार को घेरते हुए बताया कि मौजूदा शासनकाल में देश के लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जो सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार का एजेंडा स्कूलों को सुधारना नहीं बल्कि उन्हें ताले में बंद करना है ताकि गरीब का बच्चा कभी पढ़-लिख न सके और उनके “अंधभक्तों” की फौज में शामिल हो जाए।

मात्र एक शिक्षक के भरोसे टिकी पूरी व्यवस्था

इस दौरान आप सांसद ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज देश के 1.20 लाख सरकारी स्कूलों की हालत यह है कि वहां पूरी व्यवस्था मात्र एक शिक्षक के भरोसे टिकी है। साथ ही सवाल किया कि क्या एक अकेला शिक्षक पांच कक्षाओं के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है? शिक्षा व्यवस्था को आइसीयू में पहुंचाकर सरकार अब उच्च शिक्षण संस्थानों को ध्वस्त करने का जश्न मना रही है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए शर्मनाक है।

…ये लोग फिर से लड्डू बांटेंगे और नाचेंगे

इतना ही नहीं “अंधभक्तों” पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि यहां पेपर लीक होने और जम्मू मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों के बंद होने पर भी जश्न मनाया जाता है। अब जब जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने का आदेश हुआ है, तो ये लोग फिर से लड्डू बांटेंगे और नाचेंगे। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि शिक्षा के साथ किया जा रहा यह खिलवाड़ आने वाली नस्लों को बर्बाद कर देगा और इसके लिए इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।

यह भी पढ़ें- आजम खान की बढ़ीं मुश्किल, जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने भेजा नोटिस