आरयू वेब टीम। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और छात्रों की मौत के बाद से देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का धरना जारी है। इन सबके बीच बुधवार को तमिलनाडु की नव-निर्वाचित तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार और मुख्यमंत्री थलपति विजय ने मोदी सरकार से बड़ी मांग रखी है। विजय ने कहा है कि नीट परीक्षा में केवल सुधार की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इस प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाना चाहिए और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकार राज्यों को वापस सौंपे जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। टीवीके ने कहा कि “जब से नीट परीक्षा लागू हुई है, न केवल इसकी विश्वसनीयता पूरी तरह से धूमिल हुई है, बल्कि छात्र गंभीर मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उनके भविष्य और सपनों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।
आगे कहा कि हर साल होने वाले इस नुकसान को रोकने का एकमात्र उपाय यही है कि नीट परीक्षा को पूरी तरह खत्म किया जाए। “साथ ही ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नीट के मुद्दे पर कोई ‘छलावा राजनीति’ या झूठे वादे नहीं कर रहे हैं, जैसा कि विपक्षी दलों द्वारा किया जाता रहा है। पार्टी का स्टैंड स्पष्ट है कि राज्यों को उनके अधिकार वापस मिलने चाहिए ताकि वे स्वयं चिकित्सा शिक्षा की पारदर्शी व्यवस्था बना सकें।
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वहीं तमिलनाडु सीएम ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। टीवीके ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को “लोकतांत्रिक अधिकारों पर खुला हमला” करार दिया। बयान में कहा गया कि देश की राजधानी में अहिंसक तरीके से छात्रों की आवाज उठा रहे जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार और दमन घोर निंदनीय है।




















