आरयू ब्यूरो, लखनऊ। पुश्तैनी जमीन पर कब्जे से परेशान दुबग्गा निवासी चाचा-भतीजे ने शुक्रवार को लोकभवन के बाहर खुद पर डीजल डाल कर आत्मदाह का प्रयास किया। दोनों को ऐसा करते देख मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया और हजरतगंज पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर दोनों से पूछताछ शुरू की।
हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह के आनुसार आत्मदाह का प्रयास करने वालों की पहचान दुबग्गा थाना क्षेत्र के लीलाखेड़ा कटौली निवासी राम गणेश और भतीजे सतीश कुमार गौतम के रूप में हुई है। पीड़ित राम गणेश ने पुलिस को बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर परिवार के ही व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया है। कब्जा होने के बाद से ही वे अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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पीड़ित चाचा-भतीजे का आरोप है कि वह पिछले छह सालों से लगातार लखनऊ के जिलाधिकारी उप-जिलाधिकारी और मलिहाबाद पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने और आरोपितों पर कार्रवाई करने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बार-बार मिलने वाली उपेक्षा और हताशा से तंग आकर उन्होंने हजरतगंज पहुंचकर यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला लिया।
घटना के तुरंत बाद हजरतगंज पुलिस ने दोनों पीड़ितों को बचाकर थाने ले आई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि पीड़ितों द्वारा लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और संबंधित तहसील प्रशासन मलिहाबाद को दे दी गई है, ताकि जमीन विवाद का निस्तारण कराया जा सके।


















