आरयू वेब टीम। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को भाजपा के एक समर्थक को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अमेरिका में अपनी पढ़ाई से जुड़े छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं।
दीपके की ये टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके पिता, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, द्वारा बेटे को अमेरिका पढ़ने भेजने के लिए धन की व्यवस्था की जांच की मांग की है। दीपके ने मीडिया से कहा, ‘‘मैं अपनी छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूं। क्या प्रधानमंत्री मोदी अपनी डिग्री दिखाएंगे?’’
बोस्टन विश्वविद्यालय से मिली छात्रवृत्ति, लोन भी लिया
साथ ही कहा कि उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से मिली छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की मदद से अमेरिका में पढ़ाई की। वह बोस्टन विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) में स्नातकोत्तर हैं और जून में भारत लौटे हैं। दीपके ने कहा, “मुझे अपनी पढ़ाई के लिए बोस्टन विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली है।
इतना ही नहीं मैंने वहां अपनी पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण भी लिया था। इसे चुकाना है। कोई भी इसकी जांच कर सकता है।” दीपके ने कहा, ‘‘मैं अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण के दस्तावेज और डिग्री दिखाने को तैयार हूं। प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करें। यदि वह ऐसा करते हैं तो मैं भी अपने सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर दूंगा।’’
आवाज उठाने वालों के पीछे लगाते हैं ED-CBI
इस दौरान सीजेपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसके पीछे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को लगा दिया जाता है। अगर ‘‘वे मेरे घर जांच के लिए आएं, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं अपने दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं, लेकिन यदि प्रधानमंत्री ईडी भेज रहे हैं तो उन्हें अपनी डिग्री भी सार्वजनिक करनी चाहिए। मेरी डिग्री असली है और मुझे उम्मीद है कि उनकी डिग्री भी असली होगी।’’
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वहीं इस सवाल पर कि क्या सीजेपी एक राजनीतिक पार्टी बनेगी, दीपके ने कहा, “मुझे लगता है कि मीडिया मौजूदा राजनीतिक पार्टियों से निराश है। अभी हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है (राजनीतिक पार्टी बनाने का) और हम इसे अभी एक जन-आंदोलन के तौर पर ही बनाए रखना चाहते हैं।” वैसे भी “जब वोट ही चोरी हो जाते हैं, तो राजनीतिक पार्टी बनकर हम क्या करेंगे? लोगों का राजनीति से भरोसा उठ रहा है क्योंकि वे सुबह किसी और को वोट देते हैं और शाम तक किसी और की सरकार बन जाती है।” सांसद और विधायक एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। जब ईडी और सीबीआई भेजकर पार्टियां तोड़ दी जाती हैं, तो राजनीतिक पार्टी बनने का क्या फायदा है?”




















