आरयू ब्यूरो, लखनऊ। ये सिर्फ एक टावर कांड नहीं, बल्कि गाजीपुर जिले के सिस्टम पर बड़ा सवाल है। पिता की जमीन बचाने के लिए दो बहनें गाजीपुर के DM दफ्तर से लेकर कासिमाबाद थाने तक चक्कर काटती रहीं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। थक-हार कर जब वो लखनऊ में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाने आईं, तो छोटी बहन को बाजारखाला थाना क्षेत्र स्थित ऐशबाग के मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी जान दांव पर लगानी पड़ी। गुरुवार सुबह 21 अगस्त को लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन के पास जो मंजर दिखा, उसने सबको झकझोर दिया।
DM साहब तक गई, थाने पर गई, कोई नहीं सुन रहा” – बड़ी बहन का फूटा दर्द
टावर के नीचे आज खड़ी बड़ी बहन हाथ में माइक लेकर लगातार रोते हुए चीख रही थी। उसकी आवाज में गाजीपुर के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा और बेबसी दोनों थी।
मीडिया के सामने फूट-फूट कर रोते हुए उसने कहा, “हमारे पिताजी की जमीन गुंडा लूट लिए हैं। हम गाजीपुर जिले पर DM साहब तक गई, कासिमाबाद थाने पर गई, कचहरी तक गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विपक्षी अश्लील हरकत करते हैं, मारते-पीटते हैं।
उसने बताया कि उसकी छोटी बहन दीपा की तबीयत ठीक नहीं रहती, उसे पहले भी मारा गया है जिससे वह बेहोश हो जाती है। कल रात भर रोने के बाद गुस्से में वो टावर पर चढ़ गई।
ऐशबाग टावर पर बड़ी बहन बोली- हम भी जान दे देंगे
वहीं आज इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि दीपा करीब100 फीट ऊंचे टावर के पर बैठी है। नीचे ऐशबाग पुलिस, फायर ब्रिगेड और भीड़ लगी है। बड़ी बहन माइक से चिल्ला रही है- “आ जाओ दीपा, तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है। योगी जी बाबा न्याय दिलवाएंगे। अगर तुमको कुछ हुआ तो हम भी जान दे देंगे।” ये दृश्य बताता है कि गाजीपुर में न्याय न मिलने से दोनों बहनें कितनी टूट चुकी हैं।
बाजारखाला पुलिस ने बचाई जान, लेकिन सवाल गाजीपुर पर
थाना बाजारखाला पुलिस ने इस मामले में बताया कि आज सुबह 07:15 बजे सूचना मिली थी कि ऐशबाग में एक महिला टावर पर चढ़ गई है। पुलिस और दमकल टीम ने तत्काल पहुंचकर महिला को सकुशल नीचे उतार लिया है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला पड़ोसी से प्रॉपर्टी विवाद का है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर गाजीपुर में ही DM और कासिमाबाद थाना प्रभारी ने इन बहनों की सुन ली होती, तो क्या आज उन्हें लखनऊ के ऐशबाग में टावर पर चढ़ने की नौबत आती?
फिलहाल बाजारखाला पुलिस ने दोनों बहनों को समझा-बुझाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन राजधानी अपडेट, गाजीपुर के अधिकारियों से सवाल पूछता है कि आखिर कब तक बेटियां जमीन के लिए टावरों पर चढ़ती रहेंगी?




















