राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सीनियर पदाधिकारियों की हो स्‍वतंत्र जांच, पूर्व IPS ने लेटर भेज उठाई मांग

अयोध्‍या राममंदिर
आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी का मामला लंबे समय बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रहा।  एक बार फिर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने  मामले की जांच का दायरा बढ़ाकर सीनियर पदाधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

अमिताभ ठाकुर ने अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि थाने में इस मामले को लेकर दर्ज हुए मुकदमे के विवेचक को एक विस्तृत पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि मामले में अब तक सामने आए सभी जरूरी दस्तावेजी साक्ष्यों, रिपोर्टों और बयानों के आधार पर सभी संबंधित व्यक्तियों व ट्रस्ट के उच्च पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र पड़ताल की जाए।

साथ ही आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से मामले की जांच कर रहे विवेचक को भेजे गए पत्र में उन्होंने पूर्व में गठित पहली एसआइटी की रिपोर्ट का विशेष संदर्भ दिया है। अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि एसआइटी की रिपोर्ट में 27 अप्रैल से पांच जून 2026 के बीच चढ़ावे से जुड़ी लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं का ब्योरा सामने आया था।

इसके अलावा रिपोर्ट में चढ़ावे की काउंटिंग, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र और प्रशासनिक पर्यवेक्षण के स्तर पर गंभीर लापरवाहियों व कमियों को रेखांकित किया गया था, जो बिना उच्चस्तरीय मिली भगत या घोर लापरवाही के संभव नहीं हैं।

पूर्व आइपीएस ने लेटर में गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के कथित जेल-बयान और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के बयानों का भी प्रमुखता से जिक्र किया है। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपतराय की ओर से पूर्व में लिखे गए एक पत्र में सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इन सभी कड़ियों को जोड़कर देखना अनिवार्य है।

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उन्होंने कहा कि प्रकरण में निचले कर्मचारियों पर कार्रवाई तक ही सीमित न रहकर यह देखना जरूरी है कि व्यवस्थागत खामियों के लिए कौन-कौन से जिम्मेदार पद और व्यक्ति उत्तरदायी थे। आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष ने विवेचक से अनुरोध किया है कि संबंधित समयावधि के दौरान ट्रस्ट से जुड़े सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के अधिकार क्षेत्र, कर्मचारियों की नियुक्तियों और प्रशासनिक निर्णय-प्रक्रिया का गहन व स्वतंत्र परीक्षण किया जाए।

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