आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में संदिग्ध परिस्थितियों में गोवंश गायब होने का मामला योगी सरकार के मुसीबत बनता नजर आ रहा है। हजारों गोवंश व मषिवंश गायब होने के मामले में आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने शुक्रवार को जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आज अपने एक बयान में पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि साल 2019 से 2024 तक पांच सालों में उत्तर प्रदेश में गोवंश तथा महिषवंश की संख्या में भारी कमी का मामला अत्यंत गंभीर है। उन्होंने एक पत्र लिखते हुए मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन से इसकी स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने को कहा है।
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योगी सरकार में गोवंश को संभालने व बचाने में अरबों रूपये खर्च किये जाने पर सवाल उठाते हुए अमिताभ ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंश संरक्षण, संवर्धन एवं गोआश्रय व्यवस्था को लगातार अत्यंत उच्च प्राथमिकता दी गई है तथा इस दिशा में बड़े पैमाने पर सरकारी संसाधन लगाए गए हैं। इसके उलट यूपी पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के सात अगस्त 2026 के पत्र के अनुसार 20वीं पशुगणना (2019) की तुलना में 21वीं पशुगणना (2024) के आधार पर गोवंश में 37.18 प्रतिशत और महिषवंश में 25.94 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। इसी के आधार पर 2026-27 के कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य को कम करने की बात कही गई है।
सरकार की प्राथमिकता, धन भी खर्च हुआ तो…
अमिताभ ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब गोवंश संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है और इस पर वर्षों से सार्वजनिक धन खर्च किया गया है, तो इतनी बड़ी कमी क्यों हुई और इसके लिए उत्तरदायी कौन है? उन्होंने मुख्य सचिव से इसकी उच्चस्तरीय जांच कर लापरवाही और भ्रष्टाचर करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित किया जाना चाहिये।



















