क्लीन चिट मिलने पर अमिताभ ठाकुर ने DGP को लिखा लेटर, की चम्पत राय की भूमिका की विवेचना की मांग

अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को क्लीन चिट देकर मामले में सरकारी गवाह बनाया  है। जिसपर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आपत्ति जताई है। अमिताभ ठाकुर ने अयोध्या राम जन्मभूमि धनराशि प्रकरण की पुलिस चार्जशीट के पृष्ठ 47 में अंकित तथ्यों के आधार पर यूपी के डीजीपी को पत्र भेजकर इस मामले में चम्पत राय की भूमिका की गहन विवेचना की मांग की है।

पूर्व आइपीएस ने डीजीपी को लिखे लेटर में कहा है कि पृष्ठ 47 पर दर्ज चम्पत राय के बयान के अनुसार, उन्हें चार जून 2026 की रात लगभग दस बजे व्हाट्सऐप पर कथित चोरी से संबंधित वीडियो और संदेश प्राप्त हुआ तथा पांच जून 2026 को लगभग 12 बजे उन्हें एक अन्य वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें गणना कक्ष में धनराशि निकालने की घटना दिखाई गई थी।

वहीं अमिताभ ठाकुर ने विशेष रूप से ये जांच किए जाने की मांग की है कि चम्पत राय ने संबंधित पुलिस अथवा सक्षम अधिकारियों को कब और किस प्रकार सूचना दी तथा प्राथमिकी में विलंब क्यों हुआ। साथ ही
उन्होंने विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर चम्पत राय का विधिक उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए विधि के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को मामले में आरोपित नहीं बनाकर गवाह बनाया गया है। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को आरोपित बनाया है। करीब 70 हजार पन्नों की चार्जशीट में जांच से जुड़े कई अहम साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।

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जांच के दौरान पुलिस ने कई बैंक खातों की पड़ताल की और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का दावा किया है। चार्जशीट में करीब 3300 टेक्स्ट मैसेज का भी जिक्र है, जिनके आधार पर कथित तौर पर चढ़ावा चोरी की साजिश की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, जांच में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। इससे पहले अगस्त में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में भी चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ मामले में भूमिका नहीं मिलने की जानकारी सामने आई थी।