आरयू वेब टीम। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने सवाल किया कि हर साल बाढ़ आती है, मौतें होती हैं, परिवार उजड़ते हैं और लोग पलायन करते हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार बताए कि पिछले 17 साल में इस सालाना त्रासदी से निपटने के लिए क्या किया? जमीन पर क्या बदला?
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्टकर कहा, “बिहार में बाढ़ फिर कहर बनकर टूटी है। लाखों लोग प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव डूबे हुए हैं। कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।” साथ ही भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “सबसे दुखद बात यह है कि बिहार में यह संकट नया नहीं है। हर साल बाढ़ आती है, मौतें होती हैं, परिवार उजड़ते हैं और लोग पलायन करते हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार बताए कि पिछले 17 साल में इस सालाना त्रासदी से निपटने के लिए क्या किया? जमीन पर क्या बदला? बिहार के लोगों को हर साल राहत और आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।”
राहुल गांधी के इस पोस्ट के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। विपक्ष लगातार बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर बाढ़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रहा है। बिहार में कोसी, गंडक और बागमती नदियों में उफान के कारण सुपौल, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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कांग्रेस का कहना है कि पिछले 17 साल से बिहार में अधिकतर समय एनडीए की सरकार रही है, बावजूद इसके बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। हर साल राहत सामग्री और हवाई सर्वेक्षण तक ही सरकार सीमित रह जाती है।
बता दें कि बिहार में इस साल मानसून के बाद नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ के हालात और बिगड़ गए हैं। लाखों की आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, लेकिन राहुल गांधी ने इस मुद्दे को स्थायी समाधान से जोड़कर सरकार को घेरा है।
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