आरयू ब्यूरो,
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए सोमवार को कहा कि आपके हार का कारण आपके व परिवार के कारनामे थे न कि किसी का दुष्प्रचार।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला आज अपने एक बयान में मीडिया से बोले कि अखिलेश यादव के अंहकार ने पहले उनकी सरकार को डुबोया अब समाजवादी पार्टी को डूबो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत लगी रहती है, लेकिन अखिलेश यादव आत्म विश्लेषण के बजाय कभी भाजपा पर आरोप लगाते है, तो कभी जनता के विवेक पर सवाल उठाते हैं।
जनता ने नंगी आंखों से देखा था पिता-पुत्र व चाचा का संग्राम
इस दौरान बीजेपी प्रवक्ता समाजवादी परिवार के कलह को भी याद करना नहीं भुले, उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए पिता-पुत्र व चाचा का संग्राम जनता ने नंगी आंखों से देखा था। परिवार के विकास की चाह में उन्होंने जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को नजरअंदाज कर दिया था। जनता ने उसका प्रतिफल विधानसभा के चुनाव में दिया।
बार-बार झिड़कने के बावजूद बसपा सुप्रीमो को बुआ बनाने पर है आमादा
वहीं अखिलेश यादव के दो कदम पीछे हटकर भी गठबंधन करने वाले बयान पर प्रदेश प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद हताशा में अखिलेश यादव अनाप-शनाप बोल रहे है। सत्ता की चाहत इतनी है कि कही भी घुटने टेकने को तैयार है। बसपा सुप्रीमो द्वारा बार-बार झिड़कने के बावजूद बबुआ उन्हें बुआ बनाने पर आमादा है। ये सब सिर्फ सत्ता के निकट किसी न किसी बहाने पहुंचने की चाहत है। अखिलेश जी ये पब्लिक है सब जानती है।
सिपाही से लेकर कप्तान तक की हो रही थी हत्या
सपा सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए मनीष शुक्ला ने मीडिया से कहा कि सपा सरकार में चारों ओर भ्रष्टाचार था। पांच-पांच आयोगो के चेयरमैनों को सदस्यों सहित उच्च न्यायालय ने बर्खास्त किया था। सिपाही से लेकर कप्तान तक की हत्या हो रही थी।




















