कांग्रेस-जेडीएस ने भाजपा पर लगाया विधायक तोड़ने का आरोप

कांग्रेस-जेडीएस

आरयू वेब टीम। 

कर्नाटक मतगणना का नतीजा आने के बाद से ही सरकार बनाने के लिए भाजपा और जेडीएस-कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच कांग्रेस और जेडीएस ने आरोप लगाया है कि भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। हालांकि जेडीएस और कांग्रेस ने दावा कि उनके सभी चुने गए विधायक एक साथ हैं।

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने उन्हें मंत्री पद का ऑफर दिया था। कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्‍हें भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ और हम आपको मंत्रालय देंगे। हम आपको मंत्री बनाएंगे। लेकिन, मैंने मना कर दिया। हमारे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी हैं।

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कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कहा कि भाजपा‌ हमारे नेताओं के संपर्क में हैं। ये हम जानते हैं। सभी पर बहुत दबाव है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि दो पार्टियों के पास बहुमत का नंबर है। लोग यह सब देख रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कहा कि सभी कांग्रेस एमएलए उनके साथ हैं। कोई भी बाहर नहीं है। वे सरकार बनाने जा रहे हैं।

साथ ही कर्नाटक के हैदाराबाद क्षेत्र के चार विधायक राजशेखर पाटिल, नरेंद्र और अनंत सिंह बैठक में नहीं पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन लापता विधायक रेड्डी बंधुओं के करीबी हैं। इस संबंध में कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने साफ तौर पर कहा कि हमारा कोई विधायक लापता नहीं है।

वहीं जेडीएस नेता दानिश अली ने कहा कि जेडीएस और कांग्रेस के पास नंबर है और मुझे आशा है कि राज्‍यपाल अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और एचडी कुमारस्वामी को बात कर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। यदि बीजेपी राज्यपाल पर दबाव डालती है, तो यह लोकतंत्र की हत्‍या होगी।

बता दें कि जेडीएस-कांग्रेस और भाजपा ने सरकार बनने का दावा पेश कर चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं।

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