लॉकडाउन: मायावती की सरकार से मांग, “दूर करें गरीबों की रोटी-रोजी की समस्या”

मायावती
फाइल फोटो।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के कारण पूरा देश लॉकडाउन है। मौजूदा हालात पर गुरुवार को यूपी की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने चिंता जताई है। साथ ही मायावती ने केंद्र व राज्य सरकार से इस संकट की घड़ी में गरीबों के लिए से आर्थिक मदद की मांग की है।

बसपा सुप्रीमो ने आज सोशल मीडिया के माध्‍यम से ट्वीट कर कहा कि देश की 130 करोड़ गरीब और मेहनतकश जनता पर 21 दिनों के लॉकडाउन वाली पाबंदियों को कड़ाई से लागू करने के बाद खासकर लोगों का पेट भरने अर्थात उनकी रोटी-रोजी की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा राहत पैकेज की व्यवस्था बहुत ही जरूरी है। इस पर तुरंत ध्यान दें।

यह भी पढ़ें- Tweet कर मायावती ने कोरोना वायरस पर तोड़ी चुप्‍पी, कहा केंद्र व राज्‍य सरकारें लोगों की करें तत्‍काल आर्थिक मद्द

वहीं अपने दूसरे ट्वीट में बसपा मुखिया ने कहा कि इस देशबंदी में प्राइवेट सेक्टर के लॉकडाउन को लेकर उन्हें दी गई विभिन्न रिआयतों के साथ-साथ वहां काम करने वाले लोगों को भी महीने का वेतन दिलाने की व्यवस्था केंद्र व राज्य सरकारों को सुनिश्चित करनी चाहिए। लोगों से भी अपील है कि वे सरकारी निर्देशों का अनुपालन करें।

मालूम हो कि इससे पहले भी मायावती ने कोरोना वायरस को लेकर केंद्र व राज्‍य सरकारों से मांग की थी कि लॉकडाउन से परेशान हो रहे गरीब व आम मेहनकश लोगों की तत्‍काल आर्थिक सहायता करें। क्‍योंकि कोरोना महामारी को लेकर देश व यूपी में भी जबर्दस्त लॉकडाउन से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। करोड़ों गरीब व दैनिक मेहनतकश लोगों के सामने भूखमरी जैसी विपत्ति का सामना है। अतः यह बहुत जरूरी है कि केंद्र व राज्य सरकारें उनकी तत्काल समुचित आर्थिक मदद करें।

यह भी पढ़ें- लॉकडाउन के पहले दिन बोले PM मोदी, महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया, कोरोना के खिलाफ युद्ध में लगेंगे 21 दिन