आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी में अवैध घुसपैठ और उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत राज्य के 13 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ये कार्रवाई ईसीआईआर संख्या ईसीआइआर/एलकेजेडओ/14/2024 के तहत की गई, जिसमें कथित टेरर फंडिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
ईडी की यह कार्रवाई यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वाड द्वारा दर्ज एफआइआर के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, एक संगठित गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करवाने और देश के विभिन्न हिस्सों में उन्हें बसाने का काम कर रहा था। इसी मामले में वित्तीय लेन-देन की परतें खंगाली जा रही हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में आई है।
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एजेंसियों को संदेह है कि इन संस्थाओं को विदेशों से बड़ी मात्रा में चंदा प्राप्त हुआ, जिसे विभिन्न बैंक खातों, कथित ‘म्यूल अकाउंट्स’ और कई स्तरों वाले लेन-देन के माध्यम से आगे भेजा गया। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि इन पैसों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि संदिग्ध नेटवर्क ने धन के प्रवाह को छिपाने के लिए बार-बार नकद निकासी और छोटी-छोटी रकम के ट्रांसफर का सहारा लिया। ईडी इन वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है ताकि धन के स्रोत और उसके अंतिम उपयोग का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले में जांच जारी है और एजेंसियां जुटाए गए दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।




















