बलात्‍कार केस में बहुचर्चित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्‍ना को मिली आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगा

प्रज्वल रेवन्ना
प्रज्वल रेवन्ना। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्‍ना को बलात्कार केस में कर्नाटक की एक विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 376(2)(K) के तहत उसे दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई। इसके साथ ही जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

दरअसल निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने शुक्रवार दिए गए फैसले में प्रज्वल को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने जब दोषी प्रज्वल से पूछा कि आपको क्या कहना है तो प्रज्वल रेवन्ना बोला ‘मैंने एक सांसद के तौर पर अच्छा काम किया है। मैंने छह महीने से अपने माता-पिता को नहीं देखा है। मैं एक मेधावी छात्र हूं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हूं। मैं राजनीति में बहुत जल्दी आ गया और अच्छा काम करने लगा इसीलिए मुझे फंसाया गया। मैं मीडिया पर आरोप नहीं लगाना चाहता हूं, ये सब पुलिस का काम है।’

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ये मामला हासन के गन्निकाडा गेस्ट हाउस में रेवन्ना परिवार की 48 वर्षीय महिला मेड के यौन शोषण से जुड़ा है। प्रज्वल ने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी किया था। एसआइटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ आइपीसी की धारा 376 (2) (के) के तहत एक महिला पर प्रभुत्व रखने और उसके साथ बलात्कार करने के लिए और 376 (2) (एन) के तहत एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार करने के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई और अन्य अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया था।

वहीं अभियोजन पक्ष का कहना था कि पीड़िता के साथ 2021 में दो बार बलात्कार हुआ। एक बार रेवन्ना के हासन स्थित आवास पर और फिर बेंगलुरु स्थित आवास पर भी उसके साथ दुष्कर्म हुआ। आरोप पत्र में 113 गवाहों के नाम और मुकदमा 18 जुलाई को समाप्त हुआ था। प्रज्वल रेवन्ना कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न को दर्शाने वाले 2000 से अधिक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया सहित ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद दर्ज किए गए चार मामलों में मुख्य आरोपित हैं। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पहली शिकायत अप्रैल 2023 में दर्ज की गई थी।

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