पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ नहीं कर रहे सरकारी बंगला खाली, कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लिखा लेटर

डीवाई चंद्रचूड़
डीवाई चंद्रचूड़।

आरयू वेब टीम। देश के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ कई महीना पहले ही रिटायर्ड हो चुके हैं। इसके बाद भी अब तक उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया है, लेकिन अब सरकारी बंगले में ज्यादा दिन उनका रुकना विवाद का कारण बनता जा रहा। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बंगला खाली कराने की बात कही है।

सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित बंगला नंबर पांच, जो मुख्य न्यायाधीश का आधिकारिक निवास है, को तत्काल खाली कराने की मांग की है। ये बंगला वर्तमान में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ के कब्जे में है, जिन्होंने रिटायर होने के बाद निर्धारित अवधि से अधिक समय तक बंगला खाली नहीं किया है।

सुप्रीम कोर्ट प्रशासन चाहता है कि यह बंगला न्यायालय की हाउसिंग पूल में वापस आए ताकि इसे वर्तमान या भविष्य के मुख्य न्यायाधीश को आवंटित किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को भेजे पत्र में इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व सीजेआइ कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि जो वैकल्पिक आवास दिया गया था। वह जर्जर स्थिति में था। उसमें बड़े मरम्मत कार्य की जरूरत थी और वह व्हीलचेयर अनुकूल भी नहीं था। यही कारण है कि पूर्व चीफ जस्टिस ने अब तक बंगला खाली नहीं किया है। चंद्रचूड़ नवंबर 2024 में रिटायर हुए थे, लेकिन अब तक वहीं रह रहे हैं।

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पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के बाद बंगला किसी ने लेने की इच्छा जाहिर नहीं की है। जस्टिस संजीव खन्ना और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला लेने से मना कर दिया था। इसके पीछे का कारण उन्होंने मौजूदा बंगले पर रहना पसंद किया था। यही कारण है कि चंद्रचूड़ को बंगला खाली करने के लिए कोई दवाब नहीं रहा।

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